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पैरानोया एक मानसिक रोग है, जिसमें व्यक्ति असाधारण रूप से व्यवहार करने लगता है। इसमें व्यक्ति अपने सगे संबंधियों पर विश्वास करना बंद कर देता है और उसके मन में उनके प्रति संदेह की भावना पैदा हो जाती है। उसे लगता है कि सब उसे मारना या शारीरिक हानि पहुंचाना चाहते हैं। मरीज के मन में ऐसे विचार आने के कारण वह घर से निकलना बंद कर देता है और सबसे अलग रहने लगता है।

ऐसे कई मानसिक व शारीरिक रोग हैं, जो पैरानोया का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा कुछ अन्य स्थितियां भी हैं, जो इसका कारण बन सकती हैं। इसमें मुख्य रूप से नशे की लत व सिर में चोट लगना आदि शामिल हैं। पैरानोया का परीक्षण करके इसके अंदरूनी कारणों का पता लगाया जाता है। एक बार इसका कारण बनने वाली स्थिति का पता लग जाने पर उसके अनुसार ही इलाज शुरू कर दिया जाता है। इसके इलाज में मुख्य रूप से साइकोथेरेपी और कुछ विशेष दवाएं शामिल हैं।

पैरानोया का जल्द से जल्द इलाज करवाना बेहद आवश्यक है। समय पर इलाज न करवाने पर व्यक्ति को मानसिक व शारीरिक कई स्थायी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यह स्थिति रिश्ते टूटने और नौकरी छूटने का कारण भी बन सकती है।

  1. पैरानोया क्या है - What is Paranoia in Hindi
  2. पैरानोया के लक्षण - Paranoia Symptoms in Hindi
  3. पैरानोया के कारण - Paranoia Causes in Hindi
  4. पैरानोया से बचाव के उपाय - Prevention of Paranoia in Hindi
  5. पैरानोया का परीक्षण - Diagnosis of Paranoia in Hindi
  6. पैरानोया का इलाज - Paranoia Treatment in Hindi
  7. पैरानोया की जटिलताएं - Paranoia Risks & Complications in Hindi
  8. पैरानोया के डॉक्टर

पैरानोया क्या है - What is Paranoia in Hindi

पैरानोया एक तरह का पागलपन है, जो कुछ विशेष मानसिक विचारों से जुड़ी एक ऐसी समस्या है। इसमें मरीज को अन्य लोगों पर असाधारण रूप से संदेह होने लगता है और वह उनपर से विश्वास खो देता है। पैरानोया से ग्रस्त व्यक्ति को ऐसा लगता है, जैसे उसके बाहर निकलते ही उसे कोई पकड़ लेगा। उसे बिना किसी कारण के अपने शरीर में किसी प्रकार की क्षति होने का भय हो जाता है। डिमेंशिया से ग्रस्त लोगों में और जो लोग नशा करते हैं, उनमें भी पैरानोया के मामले अधिक देखे गए हैं। पैरानोया में आने वाले मानसिक विचार स्वास्थ्य संबंधी किसी अन्य समस्या का लक्षण भी हो सकते हैं।

पैरानोया के लक्षण - Paranoia Symptoms in Hindi

लगभग हर व्यक्ति को अपने जीवन में कभी ना कभी पैरानोया के लक्षण अनुभव होते ही हैं। लेकिन पैरानोया रोग में इसके लक्षण लगातार रहते हैं। पैरानोया में होने वाले लक्षण उसकी गंभीरता के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं और यह जीवन के कई पहलुओं को प्रभावित कर सकते हैं। इसके लक्षणों में निम्न शामिल हैं -

  • किसी पर विश्वास न होना, जिसके कारण हर समय चिंतित रहना
  • किसी व्यक्ति की बात को समझ न पाना और ना उसपर विश्वास करना
  • बिना किसी कारण से भयभीत रहना और खुद को सताया हुआ महसूस करना
  • सबसे अलग रहना और किसी से बात न करना
  • दूसरों के साथ उचित संबंध न बना पाना

इस स्थिति में व्यक्ति किसी के साथ सामान्य रूप से बात नहीं कर पाता है, जिस कारण से करीबी रिश्तों में भी खटास पैदा होने लगती है। पैरानोया से ग्रस्त व्यक्ति को लगता है कि लोग उसके खिलाफ साजिश कर रहे है और उसे शारीरिक व मानसिक नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। इससे ग्रस्त लोगों को यह भी लगता है कि लोग उससे कुछ छीनना या चुराना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में व्यक्ति अन्य लोगों के साथ काम नहीं कर पाता है और सबसे अलग रहने लग जाता है।

अन्य लोगों के प्रति आचरण में अचानक से बदलाव होना इस बीमारी का संकेत दे सकता है। पैरानोया से ग्रस्त लोगों को मतिभ्रम और भ्रम रोग जैसी समस्याओं से जुड़े लक्षण भी हो सकते हैं।

पैरानोया के कारण - Paranoia Causes in Hindi

पैरानोया रोगों के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं लग पाया है। कुछ शोधकर्ताओं के अनुसार जिन लोगों को पहले से ही मानसिक स्थितियों से जुड़ी समस्याएं हैं, उनके लिए कुछ वातावरणीय कारक पैरानोया के लक्षण को पैदा कर सकते हैं। कुछ स्थितियां हैं, जो पैरानोया का कारण बन सकती हैं -

  • अनिद्रा
  • अत्यधिक मानसिक या शारीरिक तनाव
  • सिर में चोट लगना
  • सबसे अलग रहना
  • किसी दवा को बार-बार शुरू और बंद करना
  • शराब या अन्य कोई नशा करना या फिर अचानक से छोड़ देना
  • किसी विशेष प्रकार के केमिकल या जहरीले पदार्थों के संपर्क में आना (जैसे पेस्टीसाइड, गैसोलिन और पेंट आदि)
  • जीवन में कोई मुख्य बदलाव होना (जैसे किसी प्रियजन की अचानक मृत्यु होना या किसी अपराध का शिकार होना)

मस्तिष्क से संबंधी कुछ रोग भी हैं, जो पैरानोया होने के खतरे को बढ़ा देते हैं -

पैरानोया होने का खतरा कब बढ़ता है?

कुछ शोधों के अनुसार अधिक उम्र वाले अथवा वृद्ध लोगों में पैरानोया होने का खतरा अधिक देखा गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि अधिक उम्र वाले लोगों में मतिभ्रम व भ्रम रोग जैसी समस्याएं अधिक होती हैं। इससे उनके सुनने की कमी व नजर कमजोर होने के कारण भी उनमें पैरानोया के लक्षण देखे जाते हैं। उदाहरण के लिए वृद्ध लोगों में कम दिखने या कम सुनाई देने की समस्या होने के बाद पैरानोया हो जाता है।

पैरानोया से बचाव के उपाय - Prevention of Paranoia in Hindi

अधिकतर मामलों में पैरानोया रोग की रोकथाम करना संभव नहीं होता है। हालांकि, जिन लोगों में पैरानोया के लक्षण हैं, उनके लिए कुछ इलाज प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं। इन इलाज प्रक्रियाओं की मदद से स्थिति से निपटने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा स्वस्थ आहार, सुबह उठकर उचित व्यायाम करना और जीवनशैली में सुधार लाने से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है और ऐसे रोग होने का खतरा कम हो जाता है।

पैरानोया का परीक्षण - Diagnosis of Paranoia in Hindi

डॉक्टर मरीज का शारीरिक परीक्षण करेंगे, जिसकी मदद से पैरानोया का अंदरूनी कारण बनने वाली स्थितियों का पता लगाया जाता है। जब पैरानोया का कारण बनने वाली बीमारी का पता लग जाए तो उसके अनुसार कुछ अन्य टेस्ट भी किए जा सकते हैं, ताकि उसके कारण का भी पता लगाया जा सके।

यदि पैरानोया किसी मानसिक समस्या से जुड़ा है, तो डॉक्टर मरीज को साइकिएट्रिस्ट या साइकोलॉजिस्ट के पास भेज देंगे। ये विशेषज्ञ डॉक्टर कुछ विशेष मनोवैज्ञानिक टेस्ट करेंगे, ताकि मरीज की मानसिक स्थिति का पता लगाया जा सके।

पैरानोया से ग्रस्त लोगों में निम्न रोगों की जांच भी की जाती है -

पैरानोया का इलाज - Paranoia Treatment in Hindi

पैरानोया का इलाज इसकी गंभीरता और कारण बनने वाली अंदरूनी बीमारियों के अनुसार किया जाता है। पैरानोया के इलाज में विभिन्न प्रकार की दवाएं और साइकोथेरेपी शामिल हैं। साइकोथेरेपी में निम्न शामिल हैं -

  • मरीज की कमजोरी को स्वीकार करना
  • उनका आत्म सम्मान बढ़ाना
  • दूसरे लोगों में उनका विश्वास बढ़ाने की कोशिश करना

इस थेरेपी में मरीज के सगे संबंधियों को भी कुछ प्रशिक्षण दिए जाते हैं, इस दौरान उनको समझा दिया जाता है कि किस प्रकार से मरीज की भावनाओं को सकारात्मक रूप से सहारा देना है। साइकोथेरेपी से मरीज के अन्य लोगों से मिलने-जुलने और उनकी बात करने आदि जैसी स्थितियों में भी सुधार किया जाता है। कुछ डॉक्टर मरीज के लिए एंटी-एंग्जायटी दवाएं भी लिख देते हैं, जिनकी मदद से चिंता व भय जैसी समस्याओं को ठीक किया जाता है। इसके अलावा कुछ विशेष एंटीसायकोटिक दवाएं भी दी जा सकती हैं, जो लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं।

पैरानोइड सिजोफ्रेनिया से ग्रस्त व्यक्ति के लिए विशेष प्रकार की दवाएं देनी पड़ती हैं, क्योंकि वे मरीज वास्तविकता को महसूस नहीं कर पाते हैं। इनके शुरुआती इलाज में मुख्य रूप से एंटी सायकोटिक दवाएं ही शामिल की जाती हैं। बाद में एंटी एंग्जायटी और एंटीडिप्रेसेंट दवाएं भी शुरू कर दी जाती हैं।

जब मरीज की स्थिति थोड़ा स्थिर हो जाती है, तो डॉक्टर अन्य इलाज शुरू कर देते हैं। इसमें साइकोथेरेपी और फैमिली काउन्सलिंग शामिल है।

यदि पैरानोया किसी प्रकार का नशा करने के कारण हुआ है, तो ऐसे में जब तक मरीज के शरीर से नशे का प्रभाव पूरी तरह से नहीं चला जाता तब तक सिर्फ लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए कुछ दवाएं दी जा सकती हैं। उसके बाद डॉक्टर विशेष दवाओं के साथ मरीज का इलाज शुरू कर देते हैं, इनमें नशा छुड़ाने वाली दवाएं आदि शामिल हो सकती हैं।

पैरानोया की जटिलताएं - Paranoia Risks & Complications in Hindi

यदि पैरानोया का समय पर इलाज न किया जाए तो इससे मानसिक व शारीरिक कई जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। व्यक्ति का मस्तिष्क स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो जाता है। कुछ गंभीर मामलों में यह व्यक्ति को मानसिक रूप से इतना प्रभावित कर देती है कि व्यक्ति अपने सामान्य कार्य भी नहीं कर पाता, जैसे खाना-पीना, नहाना आदि।

पैरानोया एक मानसिक रोग है, जिससे पीड़ित व्यक्ति अपने सगे संबंधियों से सही रिश्ते बनाए रखने में असमर्थ हो जाता है। साथ ही साथ इससे ग्रस्त व्यक्ति स्थिति के अनुसार निर्णय भी नहीं ले पाता। कुछ मामलों में मरीज का व्यवहार प्रभावित होने के कारण उसके रिश्ते टूटने और नौकरी चली जाने का खतरा भी काफी बढ़ जाता है।

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