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पेशाब करते समय अधिक झाग बनना आमतौर पर एक साधारण स्थिति होती है। यह अक्सर पेशाब का दबाव अधिक होने पर पड़ने वाली तीव्र धार से या फिर टॉयलेट शीट को साफ करने के लिए इस्तेमाल किए गए विभिन्न केमिकलों के कारण होता है। इनके अलावा स्वास्थ्य से संबंधित कुछ समस्याएं भी हैं, जो इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हो सकती हैं। यह अक्सर डायबिटीज, उच्च रक्तचाप और गुर्दे के मरीजों में देखी जाती है।

जब गुर्दे किसी कारण से ठीक से काम नहीं कर पाते हैं, तो वे पेशाब में अपशिष्ट पदार्थों के साथ-साथ प्रोटीन को भी शरीर से बाहर निकालने लग जाते हैं। कुछ विशेष प्रकार के प्रोटीन हवा के संपर्क में आकर अधिक झाग बनाते हैं और यह समस्या हो जाती है। इस स्थिति की रोकथाम करने का कोई विशेष उपाय नहीं है, लेकिन जीवनशैली में सुधार करके इसका कारण बनने वाले रोग विकसित होने से बचाव किया जा सकता है।

ज्यादातर मामलों में इस स्थिति का इलाज करवाने की जरूरत नहीं पड़ती है, क्योंकि यह अक्सर अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन इसका कारण बनने वाले कुछ अंदरूनी रोगों का इलाज करना आवश्यक होता है। यदि आपको पेशाब में झाग आने के कारण परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर स्थिति के कारण के अनुसार इसका इलाज कर सकते हैं। बहुत ही कम मामलों में पेशाब में झाग आने से स्वास्थ्य पर कोई गंभीर प्रभाव पड़ता है।

(और पढ़ें - पेशाब न रोक पाने का कारण)

  1. पेशाब में झाग आने के लक्षण - Foamy Urine Symptoms in Hindi
  2. पेशाब से झाग आने के कारण - Foamy Urine Causes in Hindi
  3. पेशाब में झाग आने का बचाव - Prevention of Foamy Urine in Hindi
  4. पेशाब से झाग आने का परीक्षण - Diagnosis of Foamy Urine in Hindi
  5. पेशाब से झाग आना का इलाज - Foamy Urine Treatment in Hindi
  6. पेशाब से झाग आने की जटिलताएं - Foamy Urine Risks & Complications in Hindi

पेशाब में झाग आने के लक्षण - Foamy Urine Symptoms in Hindi

यदि पेशाब में असामान्य रूप से अधिक झाग बन रही है, तो यह स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का संकेत हो सकता है। पेशाब में झाग आना अक्सर कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है, जिससे पेशाब में झाग के साथ-साथ निम्न लक्षण भी देखे जा सकते हैं -

  • थकान
  • भूख न लगना
  • जी मिचलाना और उल्टी
  • नींद न आना
  • पेशाब की मात्रा में बदलाव होना (कम या ज्यादा पेशाब)
  • पेशाब का रंग धुंधला होना
  • गहरे रंग का पेशाब आना
  • पेशाब से बदबू आना

इसके अलावा किडनी से संबंधित समस्याएं होने पर भी पेशाब में असामान्य रूप से झाग बनने लग सकती है। इस स्थिति में हाथ, पैर, चेहरे और पेट में सूजन होने जैसे लक्षण भी विकसित हो सकते हैं।

पुरुषों के पेशाब में झाग आने के कुछ अन्य लक्षण भी हो सकते हैं, ऑर्गेज्म के दौरान वीर्य ना निकलना या बहुत ही कम मात्रा में निकलना भी पेशाब में झाग से संबंधित समस्याओं का एक लक्षण हो सकता है।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

यदि आपको अधिक पेशाब आया हुआ है, तो पेशाब करते समय अधिक झाग बनना आम बात होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसे में पेशाब की धार तीव्र होती है, जिसे झाग बनने लगती है। लेकिन अगर पेशाब में अधिक झाग बनने के साथ-साथ ऊपर बताए गए लक्षण भी महसूस हो रहे हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से इस बारे में बात करें।

पेशाब से झाग आने के कारण - Foamy Urine Causes in Hindi

अधिक तीव्रता से पेशाब आना ही पेशाब में झाग बनने का सबसे मुख्य कारण होता है। क्योंकि तीव्र धार जब नीचे टकराती है, तो अधिक झाग बनने लगती है। यह एक सामान्य स्थिति होती है और जल्दी ही अपने आप ठीक हो जाती है, इसका स्वास्थ्य संबंधी किसी समस्या से कोई संबंध नहीं होता है।

लेकिन कुछ मामलों में धीरे-धीरे पेशाब करने पर भी झाग बन सकती है, जो पेशाब में अधिक प्रोटीन जमा होने के कारण होता है। पेशाब में प्रोटीन आने की स्थिति को प्रोटीन्यूरिया कहा जाता है। एल्बुमिन एक प्रकार का प्रोटीन होता है, जब पेशाब में इसका स्तर बढ़ जाता है तो यह हवा के साथ प्रतिक्रिया करता है और झाग बनने लगती है। पेशाब में प्रोटीन आने की समस्या गुर्दों से जुड़ी होती है। गुर्दों का कार्य शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को फिल्टर करके शरीर से बाहर निकालना होता है। कुछ असाधारण स्थितियों में किडनी प्रोटीन को भी पेशाब के साथ निकालने लग जाती है।

पुरुषों में स्खलन से संबंधित समस्याएं भी पेशाब में झाग आने का कारण बन सकती है। रेट्रोग्रेड इजैक्युलेशन एक ऐसी समस्या है, जिसमें स्खलन के दौरान वीर्य बाहर की तरफ निकलने की बजाय वापस मूत्राशय में जाने लगता है। ऐसी स्थिति में वीर्य पेशाब में मिल जाता है और पेशाब करने पर अधिक झाग बनने लगती है।

इसके अलावा कुछ दवाएं भी है, जो पेशाब से अधिक झाग आने जैसी समस्याओं का कारण बन सकती हैं। फीनेजोपेराइडिन (पाइरीडियम, एजेडओ स्टैंडर्ड, यूरिस्टैट) आदि दवाएं हैं, जो कुछ दुर्लभ मामलों में पेशाब में झाग आने का कारण बन सकती हैं। इन दवाओं का इस्तेमाल यूटीआई (मूत्रमार्ग में संक्रमण) का इलाज करने के लिए किया जाता है।

हालांकि, पेशाब में झाग आना हर बार शरीर से जुड़ी समस्या नहीं होती है। कई बार टॉयलेट शीट में भी कुछ प्रकार के केमिकल होने के कारण झाग बन सकती है। टॉयलेट शीट को साफ करने वाले कुछ उत्पादों में ऐसे केमिकल पाए जाते हैं, जो पेशाब करने पर अत्यधिक झाग पैदा कर सकते हैं। ऐसे में यदि आपको झाग महसूस हो रही है, तो पहले उसकी अच्छे से पुष्टि कर लें।

पेशाब में झाग आने का खतरा कब बढ़ता है?

कुछ मामलों में (डायबिटीज और उच्च रक्तचाप के मरीजों) भी पेशाब में झाग बनने का खतरा बढ़ जाता है। अत्यधिक मानसिक और शारीरिक तनाव भी इसका एक जोखिम कारक है, ऐसा इसलिए अधिक चिंता और तनाव से शारीरिक अंग ठीक से काम करना बंद कर देते हैं।

पेशाब में झाग आने का बचाव - Prevention of Foamy Urine in Hindi

यदि पेशाब में झाग आना किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण हुआ है, तो इसके अंदरूनी कारण का इलाज करके ही इसकी रोकथाम की जा सकती है। इसके अलावा अपनी जीवनशैली में सुधार करके और अच्छी आदतें अपनाकर ऐसी समस्याएं होने के खतरे को बढ़ाया जा सकता है। निम्न कुछ स्वास्थ्य सुझाव दिए गए हैं, जिनकी मदद से किडनी समेत शरीर के अन्य अंगों को स्वस्थ बनाया जा सकता है और पेशाब में झाग आने जैसी समस्याओं को दूर किया जा सकता है -

  • नियमित रूप से व्यायाम करना
  • रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना
  • अपने आहार में ताजे फलसब्जियों को शामिल करना
  • बाहर का खाना और तला हुआ खाना खाने से बचना
  • नियमित रूप से डॉक्टर से जांच करवाते रहना

पेशाब से झाग आने का परीक्षण - Diagnosis of Foamy Urine in Hindi

डॉक्टर पेशाब में झाग आने की स्थिति व उसके कारण का पता लगाने के लिए यूरिन सैंपल लेंगे। यदि पेशाब में प्रोटीन की अधिक मात्रा है, तो टेस्ट की मदद से उसका पता लगाया जा सकता है। प्रोटीन अधिक मिलने पर डॉक्टर 24 घंटे तक यूरिन का सैंपल जमा करके उसकी जांच भी कर सकते हैं। ऐसा करने से यह पता लगा जाता है कि कहीं प्रोटीन का प्रभाव लंबे समय से तो नहीं हो रहा है। ऐसा करने के लिए मरीज को एक बड़ा कंटेनर दिया जा सकता है, जिसमें 24 घंटे का पेशाब जमा किया जाता है।
(और पढ़ें - यूरिन टेस्ट कैसे किया जाता है)

लैब में पेशाब के सैंपल में एल्बुमिन के स्तर की तुलना क्रिएटिनिन के स्तर से की जाती है। एल्बुमिन एक महत्वपूर्ण प्रोटीन होता है, जबकि क्रिएटिनिन किडनी के द्वारा अपशिष्ट पदार्थ के रूप में शरीर से निकाला गया पदार्थ होता है। यदि व्यक्ति के यूरिन सैंपल में एल्बुमिन का स्तर क्रिएटिनिन से असामान्य रूप से अधिक है, तो यह किडनी रोग का संकेत हो सकता है। इसके परिणामस्वरूप पेशाब में झाग बनने लगती है। इसके अलावा यह टेस्ट परिणाम गुर्दे संबंधी चोट का संकेत भी दे सकता है, क्योंकि इससे भी फिल्टर करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और पेशाब में झाग बनने लगती है।

डॉक्टर गुर्दे संबंधी कार्यों की जांच करने के लिए कुछ प्रकार के ब्लड टेस्ट भी कर सकते हैं, जैसे ब्लड ग्लूकोज लेवल आदि। इन सभी टेस्टों की मदद से भी किडनी की कार्यक्षमता की जांच की जा सकती है।

कुछ मामलों में डॉक्टर एमआरआई स्कैन करवाने की सलाह भी दे सकते हैं, जिनकी मदद से गुर्दे की संरचनात्मक जांच की जा सकती है। यदि किडनी में किसी प्रकार की चोट या घाव बना हुआ है, तो एमआरआई की मदद से उसका पता लगाया जा सकता है।

पेशाब से झाग आना का इलाज - Foamy Urine Treatment in Hindi

ज्यादातर मामलों में पेशाब में झाग आने की स्थिति का इलाज करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। ऐसा इसलिए क्योंकि या तो यह टॉयलेट शीट में किसी केमिकल के होने से झाग बनती है या फिर पेशाब की धार तेज होने पर ऐसा होता है। अगर पेशाब में बनने वाली झाग का कारण स्वास्थ्य संबंधी कोई अंदरूनी रोग है, तो इस अंदरूनी समस्या का इलाज करके ही यह परेशानी दूर की जाती है -

प्रोटीन्यूरिया का इलाज

ज्यादातर मामलों में पेशाब में प्रोटीन की मात्रा बढ़ने का इलाज करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। लेकिन अगर प्रोटीन की अत्यधिक मात्रा पेशाब के साथ निकल रही है और लंबे समय से यह स्थिति है, तो इसका इलाज करवाने की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके कारण गुर्दे खराब हो सकते हैं -

प्रोटीन्यूरिया के इलाज में निम्न आदि दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है -

  • कैल्शियम चैनल एंजियोटेन्सिन
  • एसीई इनहिबिटर
  • एआरबी
  • डाइयुरेटिक्स

डायबिटीज और उच्च रक्तचाप का इलाज

यदि डायबिटीज या उच्च रक्तचाप द्वारा गुर्दे प्रभावित होने के कारण पेशाब से झाग आ रही है, तो इसका इलाज करने के लिए विशेष उपचार तकनीकों का उपयोग किया जाता है। यदि ब्लड शुगर या रक्तचाप का स्तर अत्यधिक बढ़ा हुआ है, तो गुर्दे ठीक से काम नहीं कर पाते हैं। इनके स्तर के सुरक्षित सीमा में आने पर किडनी सुचारू रूप से काम करने लगती है।

डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर मरीज को एक विशेष आहार खाने और उचित व्यायाम करने की सलाह देते हैं। इस दौरान डॉक्टर आपको बार-बार ब्लड शुगर टेस्ट करने की सलाह भी देते हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शुगर का स्तर कम हो रहा है या नहीं।

बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए डॉक्टर आपके आहार में कुछ बदलाव कर सकते हैं और आपको उचित व्यायाम करने की सलाह भी दे सकते हैं। इस दौरान डॉक्टर आपको अधिक नमक वाले पदार्थ खाने से मना कर सकते हैं और इसकी बजाय प्रोटीन युक्त आहार लेने की सलाह दी जा सकती। ब्लड प्रेशर का स्तर सामान्य होने पर किडनी स्वस्थ रूप से काम करने लग जाती है।

कुछ मामलों में उच्च रक्तचाप का इलाज करने के लिए डॉक्टर कुछ दवाएं भी दे सकते हैं, जिनमें कैल्शियम चैनल ब्लॉकर और डाइयुरेटिक्स आदि शामिल हैं। एंजियोटेन्सिन कन्वर्टिंग एंजाइम इन्हिबिटर और एंजियोटेन्सिन रिसेप्टर ब्लॉकर दवाओं की मदद से बढ़े हुऐ रक्तचाप को कम किया जा सकता है और गुर्दों को क्षतिग्रस्त होने से भी बचाया जा सकता है।

पुरुषों में रेट्रोग्रेड इजैक्युलेशन का इलाज

यदि आपको संतान नहीं चाहिए तो रेट्रोग्रेड इजैक्युलेशन का इलाज करवाने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, अगर आपको इससे पेशाब में झाग आने की समस्या हो रही है, तो डॉक्टर इसका इलाज कर सकते हैं। इस स्थिति के अंदरूनी कारणों के अनुसार ही इसका इलाज किया जाता है। हालांकि, अगर इसके अंदरुनी कारणों का पता ना चल पाए और आप बच्चे पैदा भी नहीं करना चाहते हैं, तो डॉक्टर ब्लैडर नैक को बंद कर सकते हैं। ऐसा करने से वीर्य पेशाब में मिल नहीं पाएगा और अधिक झाग बनना बंद हो जाएगा।

रेट्रोग्रेड इजैक्युलेशन का इलाज करने के लिए आमतौर पर निम्न दवाओं का उपयोग “ऑफ लेबल” के रूप में किया जाता है -

  • ब्रोफेनिरामिन
  • क्लोरफेनिरामिन
  • इमिपेरामिन
  • फेनाइलफेरिन
  • स्यूडोएफेड्रिन

“ऑफ लेबल” दवा का मतलब होता है कि कोई दवा जो एफडीए के द्वारा किसी विशेष बीमारी के लिए अनुमोदित की गई हो, जबकि उसका उपयोग किसी अन्य बीमारी का इलाज करने के लिए किया जा सकता हो। डॉक्टर इन दवाओं को जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

(और पढ़ें - शुगर में क्या खाना चाहिए)

पेशाब से झाग आने की जटिलताएं - Foamy Urine Risks & Complications in Hindi

अधिकतर मामलों में पेशाब से झाग आना कोई हानिकारक स्थिति नहीं होती है। यह अस्थायी समस्या होती है, जो कुछ ही समय में ठीक हो जाती है। हालांकि, यदि पेशाब में बनने वाली झाग डायबिटीज या उच्च रक्तचाप जैसी किसी अन्य अंदरूनी समस्या का संकेत दे रही है, तो इससे विभिन्न प्रकार की जटिलताएं हो सकती हैं।

इसलिए अगर आपको पेशाब में झाग के साथ कोई अन्य लक्षण भी महसूस हो रहा है, तो डॉक्टर से इस बारे में बात करें।

(और पढ़ें - हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाएं)

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