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थायरोडेक्टॉमी थायराइड ग्रंथि को या थायराइड ग्रंथि के किसी एक भाग को निकालने के लिए की जाने वाली सर्जरी है। थायराइड ग्रंथि आपके गले के निचले हिस्से में होती है।

थायरोडेक्टॉमी थायराइड कैंसर, गोइटर या थायराइड नोड्यूल्स (थायराइड में गांठ) जैसी स्थितियों में की जा सकती है। सर्जरी से पहले आपको एनेस्थीसिया दिया जाएगा, ताकि आप सर्जरी के दौरान सो जाएं। यह कन्वेंशनल ओपन सर्जरी के तौर पर या फिर छोटे चीरे लगाकर की जा सकती है, जिसमें एंडोस्कोप की मदद ली जाती है।

थायराइड के ऑपरेशन में एक से दो घंटे का समय लगता है। आपको सर्जरी के दिन ही घर जाने दिया जा सकता है। सर्जरी के बाद आपको अत्यधिक व्यायाम नहीं करना है।

वैसे तो यह एक सुरक्षित सर्जरी है, लेकिन फिर भी थायरोडेक्टॉमी में कुछ खतरे हो सकते हैं जैसे घाव के स्थान पर संक्रमण और आवाज में बदलाव। यदि आपकी पूरी थायराइड ग्रंथि निकाली जा रही है तो डॉक्टर आपको पूरे जीवन थायराइड हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी देते रहेंगे। यदि थायराइड का केवल एक हिस्सा निकाला जा रहा है, तो इस थेरेपी की जरूरत नहीं होगी। आपको सर्जरी के एक हफ्ते बाद डॉक्टर के पास जाना होगा, जहां डॉक्टर घाव की जांच करेंगे और ट्रीटमेंट के बाद यदि आपको अन्य टेस्टों की जरूरत होगी तो उसके बारे में आपसे बातचीत करेंगे।

  1. थायराइड ऑपरेशन क्या होता है? - Thyroid ka operation kya hai
  2. थायराइड सर्जरी क्यों की जाती है? - Thyroid ka operation kab kiya jata hai
  3. थायराइड का ऑपरेशन कौन करवा सकता है और कौन नहीं - Thyroid ka operation kaun nhi kara sakta
  4. थायराइड के ऑपरेशन से पहले की तैयारी - Thyroid ke operation ki taiyari
  5. थायराइड ऑपरेशन कैसे किया जाता है - Thyroid ka operation kaise hota hai
  6. थायराइड में ऑपरेशन की जटिलताएं - thyroid ke operation me jatiltaye
  7. थायराइड के ऑपरेशन के बाद डॉक्टर से कब मिलें - thyroid ke operation baad follow up

थायरोडेक्टॉमी थायराइड ग्रंथि को निकालने के लिए की जाने वाली सर्जरी है। इसके अंदर या तो थायराइड ग्रंथि को या फिर ग्रंथि के कुछ भाग को निकाला जाता है। थायरायड ग्रंथि आपके गले के निचले हिस्से में मौजूद एक तितली के आकार की ग्रंथि होती है। यह मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बनाती है।

थायरोडेक्टॉमी थायराइड कैंसर, हाइपरथायराइडिज्म, थायराइड नोड्यूल्स और गोइटर के इलाज का एक विकल्प है। सर्जरी के कारण पर निर्भर करते हुए या तो थायराइड ग्रंथि के किसी एक भाग को निकाल कर पार्शियल थायरोडेक्टॉमी की जाएगी या फिर पूरी थायराइड ग्रंथि को निकाल कर टोटल थायरोडेक्टॉमी की जाएगी। यदि पार्शियल थायरोडेक्टॉमी की जा रही है तो सर्जरी के बाद आपकी थायराइड ग्रंथि ठीक तरह से कार्य करेगी। यदि टोटल थायरोडेक्टॉमी की जाएगी तो आपको थायराइड की टेबलेट लेकर ग्रंथि को कार्य करवाना होगा।

थायरोडेक्टॉमी दो तरह से की जा सकती है -

  • कन्वेंशनल ओपन सर्जरी
  • एंडोस्कोपिक सर्जरी जिसमें छोटे चीरे लगाए जाते हैं
  • रोबोट असिस्टेड सर्जरी

थायरोडेक्टॉमी को करने का एक अन्य तरीका स्कारलेस थायराइड सर्जरी भी है, जिसमें एक लेप्रोस्कोपिक तकनीक द्वारा होठों के निचले भाग में छोटे चीरे लगाए जाते हैं। यह चीरे बिना कोई निशान छोड़े पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।

डॉक्टर आमतौर पर थायरोडेक्टॉमी की सलाह निम्न स्थितियों में देते हैं -

  • थायराइड कैंसर
  • गोइटर
  • हाइपरथायराइडिज्म
  • थायराइड नोड्यूल्स जो कि कैंसरकारी हो सकते हैं

थायराइड कैंसर के निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं -

गोइटर के निम्न लक्षण हैं -

आमतौर पर इन नोड्यूल्स में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। हालांकि, कभी-कभी बाहर या गले की सामने वाली साइड में एक गांठ दिखाई दे सकती है। इस गांठ के कारण निगलने में दर्द और तकलीफ हो सकती है। यदि वह नोड्यूल अत्यधिक थायराइड हार्मोन का उत्पादन कर रहा है तो आपको निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं -

थायरोडेक्टॉमी की सलाह निम्न स्थितियों से ग्रस्त लोगों को दी जाती है -

  • हाइपरथायराइडिज्म -
    यदि आप रेडियोएक्टिव आयोडीन सर्जरी नहीं करवाना चाहते हैं या फिर आपको एंटी-थायराइड दवाएं लेने में तकलीफ हो तो इस सर्जरी को करवाने का विकल्प दिया जाता है।
     
  • थायराइड कैंसर -
    इस कैंसर के लिए या तो पूरी थायराइड ग्रंथि को या फिर थायराइड ग्रंथि के एक भाग को हटाया जाता है।
     
  • गोइटर -
    यदि गोइटर के कारण आपको तकलीफ हो रही है तो इसे हटाने के लिए यह सर्जरी की जा सकती है। यदि आपको सांस लेने में तकलीफ, निगलने में समस्या आदि हो या फिर कुछ मामलों में हाइपरथायराइडिज्म के कारण भी यह सर्जरी की जा सकती है।
     
  • संदेहजनक थायराइड नोड्यूल्स -
    किसी ऊतक की माइक्रोस्कोपिक जांच या बायोप्सी की बाद भी कुछ गांठों की पहचान नहीं हो पाती है। ऐसे में डॉक्टर थायरोडेक्टॉमी की सलाह देते हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आपको  कैंसर होने का अधिक खतरा है या नहीं।

अनियंत्रित ग्रेव्स डिजीज (इम्यून सिस्टम का एक विकार जिसके कारण हाइपरथायरॉइडिज्म होता है) के मामले में थायरोडेक्टॉमी न करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, गर्भवती महिलाएं भी यह सर्जरी डिलीवरी के बाद करवा सकती हैं, ताकि शिशु और मां को कोई खतरा न हो।

सर्जरी से कुछ हफ्ते पहले -

  • डॉक्टर असामान्य थायराइड के विकास की जांच करने के लिए और उसकी स्थिति का पता लगाने के लिए अल्ट्रासाउंड, कम्प्यूटेड टोमोग्राफी या अन्य इमेजिंग टेस्ट कर सकते हैं। चेस्ट एक्स रे के साथ पूरे सिर और गले का टेस्ट भी किया जा सकता है।
  • थायराइड कोशिकाएं कैंसरकारी हैं या नहीं इस बात की जांच करने के लिए डॉक्टर फाइन नीडल एस्पिरेशन से बायोप्सी कर सकते हैं।
  • वोकल कॉर्ड की कार्य प्रक्रिया की भी जांच की जा सकती है।
  • थायराइड हार्मोन के स्तर की जांच करने लिए ब्लड टेस्ट भी किए जा सकते हैं।
  • डॉक्टर आपको सर्जरी से एक-दो हफ्ते पहले थायराइड की दवाएं या आयोडीन लेने को कह सकते हैं।

सर्जरी से कुछ दिन पहले

  • डॉक्टर से उन सभी दवाओं, हेल्थ सप्लीमेंट, ओटीसी आदि दवाओं के बारे में बातचीत कर लें, जो हाल में आप ले रहे हों ताकि अगर किसी दवा की खुराक बदलनी हो या कोई दवा न लेनी हो तो डॉक्टर आपको बता सकें।
  • डॉक्टर आपसे रक्त को पतला करने वाली दवाएं लेने से मना करेंगे जिसमें एस्पिरिन, वार्फरिन, क्लोपिडोग्रेल, आइबूप्रोफेन और नेप्रोक्सेन आदि शामिल होती हैं।
  • सर्जरी के बाद आपको जिस पेन किलर और कैल्शियम दवा को लेने की जरूरत है उसकी सलाह भी डॉक्टर से ले लें।
  • यदि आप धूम्रपान करते हैं तो आपको यह छोड़ना होगा 
  • यदि आप गर्भवती हैं तो इसके बारे में डॉक्टर को बताएं 
  • ऑपरेशन से पहले आपसे एक अनुमति फॉर्म भरवाया जाएगा, जिसमें आप सर्जरी की अनुमति के लिए दस्तखत करेंगे

सर्जरी से पहले

  • यदि आपको संक्रमण होने का खतरा है या फिर अगर आपकी इम्युनिटी कमजोर है तो डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक्स लेने को कहेंगे
  • आपको उल्टी व जी मिचलाने के लिए दवाएं दी जा सकती हैं
  • यदि आपको हाइपरथायराइडिज्म है तो डॉक्टर आपको सर्जरी के दौरान थायराइड को नियंत्रित करने के लिए दवाएं देंगे
  • सर्जरी से पहले की रात को कुछ भी खाएं-पिएं नहीं। 
  • सर्जरी के दिन अपनी ज्वेलरी और जरूरी सामानों को घर छोड़कर आएं और किसी रिश्तेदार या दोस्त को अपने साथ अस्पताल ले जाएं।

थायरोडेक्टॉमी आमतौर पर जनरल एनेस्थीसिया देकर की जाती है। मरीज की श्वास नली में एक ब्रीथिंग ट्यूब डाल दी जाती है, ताकि सर्जरी के दौरान मरीज सांस ले सके। 

सर्जरी से तुरंत पहले आपके रक्तचाप, ऑक्सीजन स्तर और हार्ट रेट की जांच करने के लिए आपके शरीर पर कुछ मॉनिटर लगाए जाएंगे। आपकी नसों में एक इंट्रावेनस लाइन लगाई जाएगी ताकि आपको दवाएं और द्रव दिए जा सकें। 

सर्जरी निम्न में से किसी एक प्रक्रिया द्वारा की जा सकती है -

  • कन्वेंशनल थायराइडेक्टॉमी - यह प्रक्रिया निम्न तरह से की जाती है -

    • सर्जन आपकी गर्दन के सामने वाले भाग के निचले हिस्से में तीन से चार कट लगाएंगे। 
    • इसके बाद त्वचा के नीचे की मांसपेशियों में कट लगाया जाएगा ताकि त्वचा को खोल कर थायराइड ग्रंथि को देखा जा सके। 
    • जरूरत के अनुसार या तो थायराइड ग्रंथि को या फिर ग्रंथि के किसी एक भाग को निकाल दिया जाएगा। यदि सर्जरी थायराइड कैंसर का इलाज करने के लिए हो रही है तो आसपास की लसिका ग्रंथियों को भी हटाया जाएगा। इन लसिका ग्रंथियों की जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि कैंसर फैला है या नहीं। 
    • सर्जन कोशिश करेंगे कि पैराथायराइड ग्रंथियों को कोई नुकसान न पहुंचे। ये थायराइड ग्रंथि के बिल्कुल साथ ही होते हैं। 
    • थायराइड ग्रंथि को निकाल देने के बाद सर्जन सारी मांसपेशियों को फिर से साथ लाएंगे और उन्हें टांकों से जोड़ देंगे। 
    • वे त्वचा के कट को बंद कर देंगे और उसे टांकों व टेप से जोड़ दिया जाएगा।
  • एंडोस्कोपिक थायरोडेक्टॉमी - यह निम्न प्रक्रिया द्वारा किया जाएगा -

    • आपकी गर्दन पर तीन या चार 3-5 मिमी जितने टांकें लगाए जाएंगे।
    • इन टांकों के जरिये कुछ छोटे सर्जिकल उपकरण और एंडोस्कोप को डाला जाएगा
    • एक छोटे कैमरा की मदद से सर्जन उपकरणों को थायराइड ग्रंथि निकालने के लिए गाइड करेंगे।
    • एक बार सर्जरी हो जाने के बाद चीरों की बंद कर दिया जाएगा। 
  • स्कॉरलेस थायरोडेक्टॉमी - यह सर्जरी लेप्रोस्कोपी द्वारा निम्न तरह की जाएगी -

    • सर्जन आपके होंठ के नीचले हिस्से में तीन छोटे चीरे लगाएंगे और उसमें से एक कैमरा और कुछ सर्जिकल उपकरणों को डाला जाएगा।
    • कैमरा की मदद से सर्जन थायराइड को निकाल देंगे और चीरों को बिना किसी निशान छोड़े बंद कर दिया जाएगा।
  • रोबॉटिकली-असिस्टेड सर्जरी - यह रोबॉटिकली-असिस्टेड सर्जरी की प्रक्रिया निम्न तरह से की जाती है -

    • आपको सर्जरी के लिए टेबल पर लेटने के लिए कहा जाएगा।
    • सर्जन एक कंसोल की मदद से सर्जरी करेंगे। कंसोल में एक एंडोस्कोप और एक कैमरा होगा और इसकी तीनों बाहों में विशेष लेप्रोस्कोपिक उपकरण लगे होंगे।
    • सर्जन थायराइड ग्रंथि का एक भाग या पूरी थायराइड ग्रंथि को निकाल देंगे और चीरों को टांकों की मदद से बंद कर दिया जाता है।

ग्रंथि को निकालने के लिए सर्जन चीरे के पास एक ट्यूब लगा सकते हैं, ताकि अगर गले के पास रक्त जम गया है तो उसे निकाला जा सके।

थायरोडेक्टॉमी में आमतौर पर एक से दो घंटे लग सकते हैं, लेकिन यह अवधि इस बात पर भी निर्भर करती है कि थायराइड ग्रंथि का कितना भाग निकाला जाना है।

सर्जरी के बाद

इसके बाद आपको रिकवरी रूम में रखा जाएगा। अस्पताल का स्टाफ लगातार मॉनिटर पर आपकी नसें और ब्लड प्रेशर आदि को देखते रहेंगे, जब तक कि आप होश में न आ जाएं। आपके होश में आते ही आपको अस्पताल के कमरे में शिफ्ट कर दिया जाएगा। यदि गले में कोई ट्यूब लगाई गई है तो इसे सर्जरी के बाद सुबह हटा दिया जाएगा।

आप सर्जरी के बाद आराम से खा और पी सकते हैं। हालांकि, आपको कुछ समय तक गले में दर्द हो सकता है और सर्जरी के बाद आपका गला बैठ सकता है। ये दोनों ही अस्थायी होते हैं और कुछ ही समय में ठीक हो जाएंगे। ये सर्जरी के दौरान डाली गई ब्रीथिंग ट्यूब के कारण हो सकता है। यदि आपको निगलने में तकलीफ हो तो बेहतर होगा कि आप नरम खाना खाने से शुरुआत करें या फिर द्रव पिएं जैसे मसले हुए आलू या दही

जिस तरह से सर्जरी की गई है इस बात पर निर्भर करते हुए अस्पताल में रहने को कहा जाएगा।

हालांकि, थायराइड की सर्जरी काफी सुरक्षित है, लेकिन फिर भी इसमें कुछ खतरे हो सकते हैं जैसे -

  • गले के घाव के नीचे ब्लीडिंग
  • थायराइड स्टॉर्म - थायराइड हार्मोन का अधिक मात्रा में अचानक से स्त्रावित होना जब थायराइड ग्रंथि सर्जरी के कारण प्रभावित होती है तो उसमें से बड़ी मात्रा में हार्मोन निकलने लगते हैं।
  • हाइपोपैराथाइरॉइडिज्म - सर्जरी के दौरान पैराथायराइड ग्रंथि को नुकसान पहुंच सकता है, जिसके कारण पैराथायराइड हार्मोन के स्तर में कमी आ सकती है और कैल्शियम के स्तर गिर सकते हैं।
  • आवाज में बदलाव जो कि वोकल कॉर्ड तक आने वाली नसों के क्षतिग्रस्त होने के कारण हो सकता है।
  • घाव के स्थान पर निशान बनना

आपको सर्जरी के बाद डॉक्टर से मिलने जाना ही होगा। जब आप डॉक्टर के पास जाएंगे तो वे घाव कितना ठीक हुआ है आदि की जांच करेंगे। यदि आपको टांके और ट्यूब लगाई गई है तो वे इसे हटा देंगे। आपके रक्त में थायराइड हार्मोन के स्तरों की जांच की जाएगी। साथ ही फॉस्फोरस और कैल्शियम के स्तरों की भी जांच की जाएगी ताकि पैराथायराइड ग्रंथि की कार्य प्रक्रिया को जांचा जा सके। डॉक्टर आपको अन्य अपॉइंटमेंट और ट्रीटमेंट के बारे में भी बताएंगे।

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