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हॉलक्स वैल्गस करेक्शन एक विशेष सर्जरी प्रोसीजर है, जिसकी मदद से हॉलक्स नामक समस्या का इलाज किया जाता है और पैर की हड्डी मुड़ने या बढ़ने (बनियन) पर होने वाले दर्द को कम किया जाता है। बनियन एक शारीरिक विकृति है, जिसमें पैर का अंगूठा उंगली की तरफ मुड़ जाता है और इस कारण से पैर के एक तरफ एक गांठ बन जाती है। जब इन समस्याओं के कारण स्थिति दर्दनाक होने लगती है और सामान्य इलाज प्रक्रिया से यह ठीक न हो पाए तो ऐसी स्थिति में हॉलक्स वैल्गस करेक्शन सर्जरी करने की सलाह दी जाती है।

इस सर्जरी को जनरल या लोकल एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगा कर किया जाता है, जिसमें पैर की मुड़ी हुई हड्डी को मोड़ दिया जाता है या फिर सीधा कर दिया जाता है और स्क्रू व प्लेट की मदद से सही पोजीशन दे दी जाती है। हॉलक्स वैल्गस करेक्शन प्रोसीजर को पूरा करने में लगभग 60 मिनट का समय लगता है और आपको अस्पताल में भर्ती रहने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।

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  1. हैलक्स वैल्गस करेक्शन सर्जरी क्या है - What is Hallux valgus correction in Hindi
  2. हैलक्स वैल्गस करेक्शन सर्जरी क्यों की जाती है - Why is Hallux valgus correction done in Hindi
  3. हैलक्स वैल्गस करेक्शन सर्जरी से पहले - Before Hallux valgus correction in Hindi
  4. हैलक्स वैल्गस करेक्शन सर्जरी के दौरान - During Hallux valgus correction in Hindi
  5. हैलक्स वैल्गस करेक्शन सर्जरी के बाद - After Hallux valgus correction in Hindi
  6. हैलक्स वैल्गस करेक्शन सर्जरी की जटिलताएं - Complications of Hallux valgus correction in Hindi
हैलक्स वैल्गस करेक्शन सर्जरी के डॉक्टर

पैर के अंगूठे को सीधा करने बनियन जैसी स्थितियों में होने वाले दर्द का इलाज करने के लिए हॉलक्स वैल्गस करेक्शन सर्जरी की जाती है।

बनियन पैर की विकृति है, जिसमें पैर का अंगूठा मुड़कर उंगली की तरफ चला जाता है और इस कारण से दूसरी तरफ अंगूठे की जड़ में हड्डी बाहरी की तरफ उभड़ जाती है। यह समस्या रूमेटाइड अर्थराइटिस, ओस्टियोआर्थराइटिस व अन्य अनुवांशिक कारणों से हो सकती है। यह रोग आमतौर पर महिलाओं में अधिक देखा जाता है, जिसका कारण आगे से पतले जूते पहनना भी हो सकता है। शुरूआत में ही सही आकार के जूते पहन कर और उचित दवाएं लेकर बनियन को ठीक किया जा सकता है। हालांकि, यदि बनियन से दर्द व चलने में दिक्कत आदि होने लगी है और सामान्य इलाज प्रक्रियाओं से उसे ठीक नहीं किया जा रहा है, तो यह सर्जरी की जा सकती है।

हॉलक्स वैल्गस करेक्शन सर्जरी में हड्डी के उभड़े हुए हिस्से को निकाल दिया जाता है और आवश्यकता पड़ने पर पैर के अंगूठे की हड्डी का कुछ हिस्सा भी निकालना पड़ सकता है। इसके अलावा पैर के अंगूठे के आसपास के टेंडन (मांसपेशियों और हड्डियों को आपस में जोड़ने वाले ऊतक) व लिगामेंट (हड्डी से हड्डी को जोड़ने वाले ऊतक) में भी कट लगाए जा सकते हैं और अतिरिक्त ऊतकों को काटकर अलग किया जा सकता है।

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हॉलक्स वैल्गस करेक्शन सर्जरी का इस्तेमाल आमतौर पर बनियन के ऐसे मामलों का इलाज करने के लिए किया जाता है, जिन्हें साधारण उपचार तकनीकों व दवाओं से ठीक न किया जा सके। बनियन यानि हॉलक्स वैल्गस से निम्न लक्षण देखे जा सकते हैं -

  • पैर में गंभीर दर्द
  • पैर के अंगूठे को मोड़ या सीधा न कर पाना
  • दवाएं लेने के बाद भी पैर के अंगूठे के आस-पास सूजन, लालिमा व दर्द रहना

हॉलक्स वैल्गस करेक्शन सर्जरी किसे नहीं करवानी चाहिए?

यदि आपको एट्रियल ऑक्कल्सिव डिजीज है, तो डॉक्टर यह सर्जरी न करवाने की सलाह दी जा सकती है। एट्रियल ऑक्कल्सिव डिजीज में आमतौर पर टांग में मौजूद धमनियों में रक्त का थक्का बन जाता है।

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ऑपरेशन की तारीख से एक या दो दिन पहले आपको अस्पताल बुलाया जाता है, जिस दौरान आपके अंगूठे की जांच की जाती है और साथ कुछ विशेष टेस्ट भी किए जाते हैं। हॉलक्स वैल्गस करेक्शन सर्जरी से पहले किए जाने वाले टेस्टों में निम्न शामिल हो सकते हैं -

इसके अलावा सर्जरी से पहले डॉक्टर आपको निम्न बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है -

  • यदि आप किसी भी प्रकार की कोई दवा, हर्बल उत्पाद या कोई अन्य सप्लीमेट लेते हैं, तो डॉक्टर को बता दें।
  • यदि आपको कोई बीमारी, एलर्जी या स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या है, तो इस बारे में भी डॉक्टर को बता दें।
  • जो महिलाएं गर्भवती हैं या गर्भधारण करने की योजना बना रही हैं, उन्हें भी डॉक्टर को बता देना चाहिए।
  • यदि आप सिगरेट या शराब पीते हैं, तो डॉक्टर आपको कुछ दिनों तक इन्हें छोड़ने की सलाह दे सकते हैं, क्योंकि इनसे सर्जरी के बाद जटिलताएं विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • हॉलक्स वैल्गस करेक्शन सर्जरी के लिए आपको एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाया जाता है, जिसके लिए आपको ऑपरेशन के कुछ घंटे पहले तक कुछ भी खाने या पीने से मना किया जा सकता है।
  • सर्जरी के लिए अस्पताल जाने से पहले नहाकर आरामदायक कपड़ने पहन लें और यदि आपने कोई आभूषण या गैजेट पहना है, तो उसे उताकर घर पर ही रख दें।
  • अस्पताल में अपने साथ किसी करीबी रिश्तेदार या मित्र के लेते जाएं ताकि सर्जरी से पहले और बाद के कार्यों में आपको मदद मिल सके।
  • आपको सहमति पत्र दिया जाता है, जिसपर सर्जरी से संबंधी सभी जानकारियां दी जाती हैं। इस पत्र पर हस्ताक्षर करके आप सर्जन को सर्जरी करने की अनुमति दे देते हैं। हालांकि, हस्ताक्षर करने से पहले पत्र को एक बार अच्छे से पढ़ लेना चाहिए।

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ऑपरेशन के लिए जब आप अस्पताल पहुंच जाते हैं, तो मेडिकल स्टाफ आपको एक विशेष ड्रेस पहनने को देते हैं। इसके बाद आपकी बांह की नस में सुई लगा दी जाती है और उसे इंट्रावेनस लाइन से जोड़ दिया जाता है। इंट्रावेनस की मदद से आपको सर्जरी के दौरान दवाएं व आवश्यक द्रव दिए जाते हैं। आपको लोकल एनेस्थसिया का इंजेक्शन लगाया जाता है, जिसकी मदद से आपको सर्जरी के दौरान दर्द महसूस नहीं होता है। एनेस्थासिया का असर शुरू होने के बाद हॉलक्स वैल्गस करेक्शन सर्जरी प्रोसीजर शुरू की जाती है, जो इस प्रकार है -

  • बनियन के ऊपर की त्वचा को एंटीसेप्टिक सॉल्यूशन के साथ साफ किया जाता है।
  • इसके बाद चीरा लगाया जाता है और हॉलक्स वैल्गस के आसपास के मजबूत लिगामेंट व टेंडन भी काट दिए जाते हैं।
  • बोन कट्टर नामक विशेष उपकरण की मदद से बढ़ी हुई हड्डी टो काट दिया जाता है और आवश्यकता पड़ने पर पैर के अंगूठे की हड्डी को भी काटकर छोटा कर दिया जाता है।
  • आवश्यकता पड़ने पर आसपास के लिटामेंट और टेंडन के टुकड़े को भी निकाला जा सकता है।
  • इसके बाद पैर के अंगूठे की हड्डी व अन्य आसपास की संरचनाओं को सही पोजीशन में लाया जाता है और स्क्रू व प्लेट की मदद से स्थिर बना दिया जाता है।
  • ऑपरेशन सफलतापूर्वक होन के बाद चीरे को बंद करके टांके लगा दिए जाते हैं और उनके ऊपर पट्टी कर दी जाती है।

हॉलक्स वैल्गस करेक्शन सर्जरी प्रोसीजर को पूरा करने में लगभग एक घंटे तक का समय लग जाता है। इसके बाद आपको रिकवरी वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है, जहा पर मेडिकल टीम समय-समय पर आपके शारीरिक संकेत चेक करती है। जैसे-जैसे एनेस्थीसिया का असर कम होने लगता है, तो आपको सर्जरी वाले हिस्से में दर्द महसूस होने लग जाता है। दर्द कम करने के लिए डॉक्टर आपको कुछ विशेष पेनकिलर दे सकते हैं। जब आपके सभी शारीरिक संकेत सामान्य होने लगते हैं, तो आपको अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है।

हॉलक्स वैल्गस करेक्शन ऑपरेशन होने के बाद जब आप छुट्टी लेकर घर पर आ जाते हैं, तो इस दौरान आपको निम्न बातों का ध्यान रखने के निर्देष दिए जाते हैं -

  • डॉक्टर द्वारा दी गई सभी दवाओं को समयानुसार लेते रहें।
  • सोते समय सर्जरी वाले पैर के नीचे एक या दो तकिये रखें, जिससे सूजन व लालिमा कम करने में मदद मिलेगी
  • सर्जरी वाले घाव पर लगी पट्टी को गीली न होने दें। नहाते समय पट्टी को प्लास्टिक पोलीथिन से ढक लें।
  • ऑपरेशन के बाद कुछ दिनों तक आपको चलते समय वॉकर का सहारा लेने को कहा जाता है, ताकि घाव पर दबाव न पड़े।
  • जिस पैर का ऑपरेशन किया गया है, उसे लगभग छह महीने तक ब्रेसिस लगाकर भी रखा जा सकता है, ताकि हड्डी ठीक से जुड़ जाए।
  • सर्जरी के बाद छह महीनों तक आपको खुले व आरामदायक जूते पहनने की सलाह दी जाती है, आपको कम से कम छह महीने तक उंची एड़ियों वाले सेंडिल पहनने से मना किया जाता है।
  • किसी भी खेलकूद जैसी गतिविधियों में फिर से भाग लेने से पहले एक बार डॉक्टर से अनुमति अवश्य ले लें।
  • सर्जरी वाले हिस्से की कार्यक्षमता को बढ़ाने और आपको जल्दी स्वस्थ करने के लिए डॉक्टर आपको कुछ शारीरिक गतिविधियां सिखा सकते हैं।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

यदि आपको सर्जरी के बाद निम्न में से कोई भी लक्षण महसूस होता है, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें -

  • तेज बुखार होना
  • सर्जरी वाले हिस्से में दर्द बढ़ जाना
  • पेनकिलर दवाएं लेने के बाद भी दर्द कम न होना
  • सर्जरी वाला पैर महसूस न होना
  • अंगूठे का कलर नीला पड़ जाना
  • सांस लेने में दिक्कत होना
  • सीने मे दर्द
  • घाव से रक्तस्राव
  • लगातार सूजन रहना
  • सर्जरी वाले घाव से पस या अन्य कोई द्रव रिसना

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हॉलक्स वैल्गस करेक्शन सर्जरी करवाने से कुछ जटिताएं होने का खतरा बढ़ जाता है, जिनमें निम्न शामिल है -

  • संक्रमण होना
  • घाव ठीक होने में सामान्य से अधिक समय लगना
  • स्क्रू या प्लेट हिल जाना
  • सर्जरी के एक महीने बाद तक भी सर्जरी वाले हिस्सा संवेदनशील महसूस होना
  • सर्जरी के बाद भी पैर के दर्द से राहत न मिलना
  • ऑपरेशन के दौरान नस क्षतिग्रस्त होना
  • फिर से बनियन विकसित हो जाना

इसके अलावा ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल की गई एनेस्थीसिया से भी कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं -

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Dr. Sanjeev Kumar

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32 वर्षों का अनुभव

संदर्भ

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  2. West Suffolk: NHS Foundation Trust [Internet]. National Health Service. UK; Bunion Surgery - Metatarsal Osteotomy
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