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चेहरे की बनावट को सुधारने के लिए लटकी हुई भौहों, माथे पर क्रीज और फुरो, आंखों के ऊपर ज्‍यादा स्किन होना और माथे और नाक की ब्रिज पर झुर्रियां होने पर ब्रो लिफ्ट सर्जरी की जाती है।

जनरल एनेस्‍थीसिया (बेहोश करने के लिए) या ड्रिप से नींद की दवा और लोकल एनेस्‍थीसिया (उस जगह को सुन्‍न करने के लिए) देकर यह प्रक्रिया की जाती है।

इस प्रक्रिया में अतिरिक्‍त स्किन को ट्रिम, स्किन के अंदर के ऊतक और मांसपेशियों को एडजस्‍ट, माथे की स्किन को ऊपर उठाना, आईब्रो को उठाना शामिल है। सर्जरी के बाद उसी दिन या कुछ देर रूकने के बाद ही छुट्टी मिल जाती है। सूजन खत्‍म होने के तुरंत बाद सर्जरी के रिजल्‍ट दिखने लग जाते हैं। सर्जरी के दो हफ्ते बाद काम पर लौट सकते हैं और रोजमर्रा के काम कर सकते हैं।

  1. ब्रो लिफ्ट क्या है - What is Brow Lift in Hindi
  2. ब्रो लिफ्ट क्यों की जाती है - Why Brow Lift is done in Hindi
  3. ब्रो लिफ्ट कब नहीं करवानी चाहिए - When Brow Lift is not done in Hindi
  4. ब्रो लिफ्ट से पहले की तैयारी - Preparations before Brow Lift in Hindi
  5. ब्रो लिफ्ट कैसे की जाती है - How Brow Lift is done in Hindi
  6. ब्रो लिफ्ट के बाद देखभाल - Brow Lift after care in Hindi
  7. ब्रो लिफ्ट की जटिलताएं - Brow Lift Complications in Hindi
ब्रो लिफ्ट के डॉक्टर

माथे और नोज ब्रिज पर आइब्रो के बीच की लाइनों और झुर्रियों को ठीक करने में ब्रो लिफ्ट मदद करती है। इससे आइब्रो को उठाया जाता है जिससे चेहरा बेहतर दिखता है। इसे फोरहेड लिफ्ट भी कहा जाता है।

उम्र बढ़ने के साथ इसका असर चेहरे के हाव-भाव पर पड़ सकता है जैसे कि भौहें लटकने से आप गुस्‍से में लग सकते हैं, थकान या चिंता में दिख सकते हैं।

कुछ लोगों की आइब्रो बार-बार मसल एक्टिविटी होने, स्‍ट्रेस या अनुवांशिक कारों की वजह से नीचे या भारी हो जाती हैं। कॉस्‍मेटिक सर्जन ऐसे में एजिंग के निशानों को कम करने के लिए ब्रो लिफ्ट की सलाह देते हैं। इससे चेहरा पहले से ज्‍यादा जवां दिखने लगता है। इस सर्जरी से ब्रो को ऊपर उठाकर और माथे की झुर्रियों और रेखाओं को ठीक किया जाता है।

अकेले या किसी और रेस्‍टोरेटिव प्रक्रिया जैसे कि फेस लिफ्ट, अपर/लोअर आइलिड सर्जरी या स्किन सरफेसिंग प्रक्रिया के साथ ब्रो लिफ्ट की जा सकती है।

(और पढ़ें - नेक लिफ्ट सर्जरी)

निम्‍न में से एक या उससे ज्‍यादा स्थितियों में चेहरे की दिखावट में सुधार लाने के लिए ब्रो लिफ्ट की सलाह दी जाती है :

  • माथे पर झुर्रियां, फुरो और क्रीज
  • आंख की ऊपर की पलक या आंख के ऊपर अधिक स्किन होना।
  • नाक की हड्डी पर झुर्रियां होना।
  • आइब्रो के बीच में वर्टिकल क्रीज होना।
  • आइब्रो का लटकना या ढीला होना।
  • आइब्रो का एक साथ न होना।
  • अगर आपका शरीर हेल्‍दी है, सिगरेट नहीं पीते हैं या छोड़ दी है और सर्जरी से अच्‍छे परिणाम चाहते हैं तो आप यह सर्जरी करवा सकते हैं।

निम्‍न स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या हो तो इस सर्जरी को न करने की सलाह दी जा सकती है :

  • सर्जरी के बाद जटिलता आने का जोखिम बढ़ना।
  • एनेस्‍थीसिया से कोई नुकसान होने का खतरा हो।

(और पढ़ें - पेनिक्यूलेक्टोमी क्या है)

सर्जरी से पहले एक बार सर्जन से बात करने जाना होगा। इस दौरान सर्जन आइब्रो की कुछ तस्‍वीरें लेंगे और चेहरे के अलग-अलग हिस्‍सों को जांचेंगे।

इसके बाद स्किन का लचीलापन, टेक्‍सचर और रंग को जांचा जाएगा। इसके बाद निम्‍न टेस्‍ट बताए जा सकते हैं जैसे कि :

सर्जन से बात करने पर वह निम्‍न चीजें पूछ सकते हैं :

  • मेडिकल हिस्‍ट्री
  • कोई बीमारी है
  • तंबाकू, शराब और ड्रग लेते हैं
  • एलर्जी
  • एनेस्‍थीसिया से कोई साइड इफेक्‍ट हुआ हो
  • फिलहाल कोई दवा जैसे कि जड़ी बूटी, विटामिन और बिना पर्चे के मिलने वाली दवा ले रहे हैं।
  • सर्जरी से क्‍या उम्‍मीद रखते हैं।

सर्जरी के लिए तैयार होने के लिए निम्‍न निर्देश दिए जाएंगे :

  • खून पतला करने वाली दवा सर्जरी से कुछ दिन या हफ्ते पहले ही लेना बंद कर दें।
  • सिगरेट पीते हैं तो छोड़ दें।
  • घर ले जाने के लिए कोई दोस्‍त या रिश्‍तेदार हो।
  • सर्जरी से पहले मेकअप, ज्‍वेलरी और नेल पॉलिश उतार दें।
  • अगर आपको सर्जरी से कुछ दिन पहले जुकाम, फ्लू या बुखार रहा है तो सर्जन को बताएं। ऐसे में सर्जरी को टाला जा सकता है।
  • सर्जरी से एक रात पहले कुछ भी खाएं-पिएं नहीं।

सर्जन आपको बताएंगे कि सर्जरी के लिए कौन-सा एनेस्‍थीसिया दिया जाएगा, क्‍या प्रक्रिया होगी और इसके क्‍या जोखिम होंगे। इसके बाद आपको एक फॉर्म साइन करना होगा।

अस्‍पताल जाने के बाद आपको हॉस्‍पीटल गाउन पहनाई जाएगी। इसके बाद हाथ या बांह में जरूरी तरल पदार्थों और दवाओं के लिए ड्रिप लगाई जाएगी। इसके बाद निम्‍न तरीके से सर्जरी की जाएगी :

  • एनेस्‍थीसिया : इस सर्जरी के लिए दो तरह से एनेस्‍थीसिया दिया जा सकता है :
    • लोकल एनेस्‍थीसिया के साथ ड्रिप से नींद की दवाई (सर्जरी के दौरान आप होश में होंगे)
    • जनरल एनेस्‍थीसिया (सर्जरी के समय गहरी नींद में होंगे)
  • प्रक्रिया : माथ की मांसपेशियों और ऊतक तक पहुंचने के लिए निम्‍न टांके लगाए जाएंगे :
    • कोरोनल : इसमें एक कान से लेकर सिर के ऊपर से दूसरे कान तक कट लगाया जाता है।
    • प्रेट्रिकियल : इसमें माथ की सामने की हेयर लाइन के पास कट लगाया जाता है।
    • एंडोस्‍कोपिक : इसमें बाकियों की तुलना में कम चीर-फाड़ होती है क्‍योंकि इसमें हेयर लाइन के अंदर कई छोटे कट लगाए जाते हैं। फिर सर्जन कैमरा लगी एक ट्यूब यानि एंडोस्‍कोप को अन्‍य विशेष उपकरणों के साथ कट से अंदर डालते हैं ताकि माथे और आइब्रो पर बदलाव किए जा सकें।
  • माथे पर या इसके आसपास कट लगाने के बाद सर्जन निम्‍न चीजे करेंगे :
    • स्किन के नीचे के ऊतक और मांसपेशी को एडजस्‍ट करना।
    • माथे की स्किन को उठाना।
    • ज्‍यादा ढीली स्किन को ट्रिम करना।
    • जरूरत के अनुसार ऊतक और स्किन को हटाना।
    • आइब्रो को उठाना।
  • कट बंद करना : सर्जन घुलने वाले या अघुलनशील टांकों से कट को बंद कर देंगे। वो घाव को बंद करने के लिए स्‍पेशल क्‍लिप और स्किन एडहेसिव का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं। कट और माथे पर टेप या ढीली पट्टी लगा दी जाएगी।

सर्जरी के बाद सर्जन ऑपरेशन वाले हिस्‍से में एक ट्यूब डालेंगे। इसकी मदद से स्किन के अंदर जमा खून या तरल पदार्थ को निकाला जाता है। जनरल एनेस्‍थीसिया दिया है तो होश में आने के बाद बेचैनी, थकान या बेसुध, मुंह में सूखापन या गले में खराश महसूस हो सकती है। ये सब जनरल एनेस्‍थीसिया के साइड इफेक्‍ट हैं जो कुछ घंटों में चले जाएंगे।

सर्जरी वाले दिन ही अस्‍पताल से छुट्टी मिल जाएगी। हालांकि, आपको कुछ देर रूकना भी पड़ सकता है।

सर्जरी के एक से दो दिन बाद पट्टी निकाल दी जाएगी। सर्जरी के दो से तीन घंटे बाद हल्‍का खाना और तरल दिया जाएगा।

(और पढ़ें - ब्रोन्कोप्लास्टी क्या है)

सर्जरी के बाद निम्‍न साइड इफेक्‍ट्स दिख सकते हैं :

  • नील और सूजन जो आंखों और गालों तक पहुंच जाए।
  • टांके के आसास या सिर के ऊपर सुन्‍नपन।
  • ऑपरेशन वाली जगह पर हल्‍का दर्द और असहजता महसूस होना।
  • स्‍कैल्‍प पर खुजली होना।
  • 10 से 14 दिन में घाव पूरी तरह से ठीक हो सकता है लेकिन हीलिंग प्रक्रिया कुछ हफ्तों तक चलेगी।

रिकवरी के दौरान निम्‍न बातों का ख्‍याल रखें :

  • दर्द के लिए पेनकिलर दी जाएंगी।
  • लेटने पर सिर के पीछे तकिया लगाकर सिर को ऊपर उठाकर रखें।
  • ऑपरेशन वाली जगह पर गर्म या ठंडी सिकाई न करें।
  • सर्जन से पूछे बिना स्विमिंग, कठिन एक्‍सरसाइज/स्‍पोर्ट्स, भारी सामान उठाना या ऐसा कोई मुश्किल काम न करें।
  • रिकवरी के दौरान टांके को ज्‍यादा दबाएं नहीं।
  • माथे और अन्‍य जगह पर नील को छिपाने के लिए कॉस्‍मेटिक का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।
  • हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल रखें और सर्जरी के बाद धूप में कम निकलें और सनस्‍क्रीन लगाएं।
  • सर्जरी के दो हफ्ते बाद आप रोजमर्रा के काम कर सकते हैं। सर्जरी से आंखें रेजुवनेट होंगी, ब्रो स्‍मूद बनेंगी और माथे की झुर्रियां कम होंगी जिससे आप जवां दिखेंगे।

हालांकि, सर्जरी का असर आपको तुरंत दिखेगा। हो सकता है कि सूजन की वजह से असर ना भी दिखे। सूजन को पूरी तरह से खत्‍म होने और अंतिम रिजल्‍ट आने में कुछ महीने लग सकते हैं। ज्‍यादातर लोगों को मनचाहा परिणाम मिल जाता है लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है।

डॉक्‍टर को कब दिखाएं?

निम्‍न लक्षण दिखने पर सर्जन को बताएं :

  • 100.4 डिग्री सेल्सियस से तेज बुखार होना।
  • ठंड लगना
  • ऑपरेशन वाली जगह के आसपास छूने पर दर्द, लालिमा या दर्द बढ़ना।
  • घाव से अधिक ब्‍लीडिंग होना।

सर्जरी से कुछ जोखिम और जटिलताएं भी जुड़ी हुई हैं, जैसे कि :

  • घाव के आसपास बाल कम होना
  • नस को चोट लगना
  • प्रूरिटस
  • आइब्रो एक साथ न होना
  • आंखों से संबंधित समस्‍या होना
  • ऑपरेशन वाली जगह पर इंफेक्‍शन होना
  • घाव में दर्द और सुन्‍नपन होना
  • टांके से ब्‍लीडिंग होना
  • खून के थक्‍के बनना
  • मूत्राशय खाली करने में दिक्‍कत होना
  • एनेस्‍थीसिया की वजह से उलझन, स्‍ट्रोक या फेफड़े में इंफेक्‍शन होना
  • दोबारा सर्जरी करने की जरूरत लगना

फॉलो-अप के लिए डॉक्‍टर के पास कब जाएं?

अस्‍पताल से छुट्टी मिलने से पहले ही सर्जन आपको बताएंगे कि आपको कब आना है। अगर सर्जरी के बाद ड्रेनेज ट्यूब लगी है तो इसे एक से दो दिन बाद निकाला जाएगा।

यदि अघुलनशील टांके लगे हैं तो इन्‍हें सर्जरी के एक हफ्ते बाद निकलवाने आना होगा।

नोट : ऊपर दी गई संपूर्ण जानकारी शैक्षिक दृष्टिकोण से दी गई है और यह डॉक्‍टरी सलाह का विकल्‍प नहीं है।

(और पढ़ें - होंठ संवर्धन)

Dr. Raajshri Gupta

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प्लास्टिक, कॉस्मेटिक और पुनर्निर्माण सर्जन
8 वर्षों का अनुभव

Dr. debraj shome

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प्लास्टिक, कॉस्मेटिक और पुनर्निर्माण सर्जन
9 वर्षों का अनुभव

Dr. Chandan Sahu

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प्लास्टिक, कॉस्मेटिक और पुनर्निर्माण सर्जन
10 वर्षों का अनुभव

Dr. Navdeep

Dr. Navdeep

प्लास्टिक, कॉस्मेटिक और पुनर्निर्माण सर्जन
11 वर्षों का अनुभव

संदर्भ

  1. American Society of Plastic Surgeons [Internet]. Illinois. US; Brow Lift
  2. Johns Hopkins Medicine [Internet]. The Johns Hopkins University, The Johns Hopkins Hospital, and Johns Hopkins Health System; Brow Lift
  3. American Board of Cosmetic Surgery [Internet]. Indiana. US; Brow lift guide
  4. Mount Sinai [Internet]. Icahn School of Medicine. New York. US; Forehead and Brow Lift (Browplasty or Forehead Rejuvenation)
  5. National Health Service [Internet]. UK; Before surgery
  6. Stanford Healthcare [Internet]. University of Stanford. California. US; General Surgery - Possible Complications
  7. Hernandez A, Sherwood ER. Anesthesiology principles, pain management, and conscious sedation. In: Townsend CM Jr, Beauchamp RD, Evers BM, Mattox KL, eds. Sabiston Textbook of Surgery. 20th ed. Philadelphia, PA: Elsevier; 2017:chap 14.
  8. Cohen NH. Perioperative management. In: Miller RD, ed. Miller’s Anesthesia. 8th ed. Philadelphia, PA: Elsevier Saunders; 2015:chap 3
  9. Cho M-J, Carboy JA, Rohrich RJ. Complications in brow Lifts: a systemic review of surgical and nonsurgical brow rejuvenations. Plast Reconstr Surg Glob Open. 2018 Oct;6(10):e1943. PMID: 30534495.
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