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गर्भपात यानी अबॉर्शन के बाद शारीरिक और मानसिक कमजोरी को दूर करने के लिए महिलाओं को अपने डाइट में भरपूर रूप से पोषक तत्व जैसे - प्रोटीन, आयरन, ओमेगा फैटी एसिड (हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम, अखरोट, दूध इत्यादि) को शामिल करना चाहिए. इससे वह जल्द से जल्द रिकवर हो सकती हैं. वहीं, इस दौरान कुछ चीजें, जैसे- शराब, धूम्रपान व जंक फूड से परहेज करने की जरूरत होती है.

आज इस लेख में अबॉर्शन के बाद क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, इसके बारे में विस्तार से जानेंगे -

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  1. गर्भपात के बाद क्या खाना चाहिए?
  2. गर्भपात के बाद क्या नहीं खाना चाहिए?
  3. सारांश
अबॉर्शन के बाद क्या खाएं, क्या नहीं के डॉक्टर

गर्भपात के बाद महिलाओं को अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, अंडा, दूध व मछली इत्यादि चीजों को शामिल करना चाहिए. आइए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में -

आयरन युक्त खाद्य पदार्थ

गर्भपात के बाद महिलाओं के शरीर में आयरन की कमी हो सकती है. इसकी वजह से उन्हें कमजोरी, थकावटचक्कर आना जैसी समस्याएं होती हैं. इस तरह की परेशानियों से बचने के लिए महिलाओं को अपने आहार में आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ, जैसे- हरी पत्तेदार सब्जियां, अनारचुकंदर जैसी चीजों को शामिल करना चाहिए.

दरअसल, गर्भपात के बाद महिलाओं को हैवी ब्लीडिंग होती है, जिसके कारण महिलाएं एनीमिया और शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो सकती हैं. ऐसे में आयरन युक्त खाद्य पदार्थ खाने से महिलाओं के शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाया जा सकता है. शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी होने पर अमीनो एसिड से भरपूर आहार, जैसे- पालक, पुदीनाब्रोकली का सेवन करने की जरूरत होती है.

100 ग्राम पालक में लगभग 2.7 मिलीग्राम आयरन होता है. इसके अलावा, यह विटामिन-सी से भी भरपूर होता है, जो आयरन के अवशोषण को बढ़ाता है. ऐसे में अबॉर्शन के बाद महिलाओं को इसे क्लासिक ओटमील या पसंदीदा स्मूदी में मिलाकर खाना चाहिए. इससे काफी लाभ मिलेगा. इसके अलावा, पालक की अन्य डिशेज भी खाई जा सकती हैं.

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महिलाओं के स्वास्थ के लिए लाभकारी , एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोंस को कंट्रोल करने , यूट्रस के स्वास्थ को को ठीक रखने , शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल कर सूजन को कम करने में लाभकारी माई उपचार आयुर्वेद द्वारा निर्मित अशोकारिष्ठ का सेवन जरूर करें ।  

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बहुत सारा पानी पियें

गर्भपात के बाद कई महिलाओं को मतली व उल्टी जैसी पाचन संबंधी समस्याओं का अनुभव हो सकता है. ये समस्याएं शरीर में कई तरह के हार्मोनल परिवर्तनों की वजह से हो सकती है. इस स्थिति में महिलाओं को घबराना नहीं चाहिए. ऐसी स्थिति से बचने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखें. खूब पानी और सूप पिएं. इसके अलावा, अन्य तरल पदार्थों का सेवन किया जा सकता है.

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ओमेगा-3 फैटी एसिड

गर्भपात के बाद महिलाओं को ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार, जैसे- मछली आदि का सेवन करना चाहिए. इस तरह के आहार का सेवन करने से शरीर में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है. इसके अलावा, यह आहार डिप्रेशन से लड़ने, दिल की रक्षा करने और सूजन को कम करने में मददगार हो सकता है.

सैल्मन फिश के सेवन से शरीर को पर्याप्त रूप से ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन-डी प्राप्त होता है. वहीं, ऑयस्टर को जिंकविटामिन-बी12 का अच्छा स्त्रोत माना जाता है. इस तरह के फूड्स का सेवन नाश्ते या डिनर में शामिल किया जा सकता है. इसके अलावा, वेजिटेरियन महिलाएं ओमेगा-3 फैटी एसिड प्राप्त करने के लिए अखरोट और चिया सीड्स जैसे आहार का सेवन कर सकती हैं. इसे पसंदीदा स्मूदी या फिर अन्य डिशेज के साथ लिया जा सकता है.

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प्रोटीन जरूर लें

स्वस्थ शरीर के लिए प्रोटीन जरूरी पोषक तत्वों में से एक है. प्रोटीन अमीनो एसिड का उपयोग करके शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत करने में लाभकारी होता है. ऐसे में गर्भपात के बाद महिलाओं को जल्दी रिकवरी के लिए प्रोटीन युक्त आहार, जैसे- अंडे, लीन मीटचिकन इत्यादि का सेवन करना चाहिए. वहीं, वेजिटेरियन महिलाएं डेयरी उत्पादों जैसे- दूध, दही, चीज़पनीर के जरिए अपने प्रोटीन ले सकती हैं.

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पसंदीदा फूड्स करें शामिल

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अपनी डाइट में हेल्दी चीजों को शामिल करना बहुत ही जरूरी होता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आप अपनी पसंदीदा चीजें नहीं खा सकते हैं. हेल्दी आहार के साथ-साथ आप कभी-कभार अपने आहार में थोड़ा बदलाव करके अपनी पसंदीदा चीजें भी खा सकते हैं. बस ध्यान रखें कि इसकी मात्रा कम हो. साथ ही अगर डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह लेकर आप अपनी डाइट को बदलते हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है.

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गर्भपात के बाद महिलाओं को अपने आहार में ऐसी चीजों को शामिल नहीं करना चाहिए, जिससे उनके स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़े. खासतौर से मिठाइयां, जंक फूड्स, शराब, धूम्रपान इत्यादि चीजें उनके शरीर को और कमजोर बना सकती हैं. आइए, विस्तार से जानते हैं इस तरह के आहार के बारे में -

जंक फूड व मिठाइयां

गर्भपात के बाद महिलाओं को अपने आहार में जंक फूड और मिठाइयों को शामिल नहीं करना चाहिए. इस तरह का आहार महिलाओं के मेटाबॉलिज्म को धीमा कर सकता है, जिससे पाचन व पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

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चीनी

गर्भपात के बाद महिलाओं को अपने आहार में चीनी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए. इस तरह का आहार महिलाओं के शरीर का वजन बढ़ा सकता है. इससे उन्हें कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं.

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शराब से बचें

शराब और धूम्रपान के सेवन से बचें. शराब का सेवन करने से रक्तस्राव बढ़ता है. साथ ही यह दर्द निवारक दवाओं का भी असर कम कर सकता है. ऐसे में शराब और धूम्रपान का सेवन आपके स्वास्थ्य पर विपरीत असर डाल सकता है. इसलिए, गर्भपात के बाद शराब और धूम्रपान से दूर रहें.

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गर्भपात के बाद महिलाएं शारीरिक और मानसिक रूप से काफी कमजोर हो जाती हैं. इस स्थिति में महिलाओं को बेहतर देखभाल की जरूरत होती है. इसके अलावा, इस दौरान महिलाओं को डाइट पर भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत है. इस दौरान भरपूर पोषक तत्वों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए, ताकि शरीर में होने वाली कमजोरी को जल्द से जल्द दूर किया जा सके.

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