गर्भधारण करने के लिए महिला अपनी तरफ से हर संभव प्रयास करती है. इसके बावजूद महिला का प्रेग्नेंट होना मुश्किल हो जाता है. इसके पीछे एक कारण कंसीव करते समय खानपान पर ध्यान न देना हो सकता है. जी हां, ऐसे कई खाद्य पदार्थ हैं, जिनका सेवन करने से महिला के लिए गर्भधारण करना मुश्किल हो जाता है. इन खाद्य पदार्थों में कच्चा या कम पका हुआ मीट, कुछ खास तरह की मछली व कैफीन जैसी चीजे हैं.

आज इस लेख में आप जानेंगे कि किन खाद्य पदार्थों को खाने से गर्भ नहीं ठहरता है -

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  1. क्या खाने से गर्भ नहीं ठहरता है?
  2. सारांश
क्या खाने से गर्भ नहीं ठहरता है? के डॉक्टर

अगर प्रेग्नेंट होने की कोशिश में महिला खानपान पर सही तरह से ध्यान नहीं देती है, तो गर्भवती होना मुश्किल हो जाता है. मीठे खाद्य पदार्थ व कुछ खास तरह के डेयरी प्रोडक्ट इस प्रक्रिया में रुकावट डालते हैं. आइए, विस्तार से जानते हैं कि क्या खाने से गर्भ नहीं ठहरता है -

रेड मीट

कच्चा या कम पका हुआ मीट, लिवर व सॉसेज को खाने से गर्भ ठहरने में दिक्कत आ सकती है. शोध भी कहते हैं कि रेड और प्रोसेस्ड मीट में ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट बहुत ज्यादा होता है, जिससे फर्टिलिटी कम होने के चांसेज रहते हैं. एक अन्य शोध के अनुसार, प्रोसेस्ड मीट खाने से पुरुषों की स्पर्म क्वालिटी व काउन्ट कम हो जाता है. कच्चा और कम पका मीट खाने से टॉक्सोप्लास्मोसिस (toxoplasmosis) होने का खतरा रहता है, जो गर्भ ठहरने में समस्या पैदा कर सकता है. दरअसल पूरी तरह से पके न होने के कारण इनमें परजीवी हो सकते हैं, जो टॉक्सोप्लास्मोसिस का कारण बन सकते हैं. 

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कुछ खास डेयरी प्रोडक्ट्स

लो और स्किम डेयरी प्रोडक्ट्स फर्टिलिटी के लिए सही हैं, लेकिन फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स के साथ ऐसा नहीं है. कुछ शोध में यह पाया गया है कि ज्यादा चीज़ और दूध से पुरुषों की स्पर्म क्वालिटी कम हो जाती है. साथ ही यह कहा जाता है बिना पाश्चुरीकृत दूध और इससे बनी चीजें खाने से गर्भ ठहरने में समस्या आ सकती है.

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कुछ खास मछलियां

स्मोक्ड फिश जैसे साल्मन और ट्राउट मछली गर्भ ठहरने के रास्ते में बाधा बन सकती हैं. इनके सेवन से इंफेक्शन होने की आशंका रहती है. इसीलिए, पूरी तरह से पकी फिश को खाना ही ठीक रहता है. इसके साथ ही सोर्डफिश, मार्लिन, कच्ची शेलफिश के साथ टूना को सीमित मात्रा में खाना चाहिए, क्योंकि इसमें अन्य फिश की तुलना में मरकरी ज्यादा होती है. फिश को भी पूरी तरह से पकाने के बाद ही खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इनमें खतरनाक बैक्टीरिया हो सकते हैं.

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प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट

प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट में ग्लाइसेमिक स्तर ज्यादा होता है, जो कुछ लोगों में फर्टिलिटी को कम कर सकता है. इसके सेवन के बाद शरीर में ब्लड शुगर बढ़ जाता है. व्हाइट ब्रेड, पास्ता, बेक्ड चीजें और अन्य पैकड स्नैक्स में भी ग्लाइसेमिक ज्यादा होता है. इससे गर्भ ठहरने में मुश्किल पैदा हो सकती हैं.

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मीठी चीजें

शोध के अनुसार जो लोग (महिला और पुरुष दोनों) लगातार मीठी चीजों का सेवन करती हैं, उनमें फर्टिलिटी कम हो जाती है, जो अंततः गर्भ ठहरने के आड़े आती है. मीठा सोडा और एनर्जी ड्रिंक तो सबसे खराब माने जाते हैं. शोध यह भी कहता है कि मीठे खाद्य पदार्थों के सेवन से महिलाओं के मैच्योर व फर्टिलाइज्ड अंडों की संख्या घट जाती है.

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कैफीन

कैफीन का सीमित मात्रा में सेवन सही है. शोध के अनुसार, रोजाना 200 एमजी कैफीन लेना ही ठीक है. कैफीन न सिर्फ कॉफी, बल्कि ग्रीन टी, रेगुलर टी, कोला, एनर्जी ड्रिंक, प्लेन मिल्क चॉकलेट में भी पाया जाता है. 

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अल्कोहल

प्रेग्नेंट होने की कोशिश में शराब के सेवन को बिल्कुल बंद कर देना चाहिए. ऐसा इसलिए, क्योंकि शराब अजन्मे बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है. अगर महिला गर्भवती हो भी गई, तो मिसकैरेज होने की आशंका बढ़ जाती है.

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लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर प्रेग्नेंट होने के चांसेज को बढ़ाया जा सकता है, जिसमें खानापान पर अलग से ध्यान देना शामिल है. कुछ खास तरह के फूड्स को खाने से गर्भ नहीं ठहरता है, इसलिए खान-पान पर पूरी तरह से ध्यान देना जरूरी है. कैफीन, प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट, कुछ खास तरह की फिश, मीठे बेवरेज के सेवन से गर्भ ठहरने में दिक्कत आ सकती है. प्रेगनेंट होने की कोशिश में लगी महिलाओं और उनके पार्टनर को गायनकोलॉजिस्ट से संपर्क करके सही खानपान के बारे में जानना चाहिए.

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