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Kumariasava By Myupchar Ayurveda

 491 लोगों ने इसको हाल ही में खरीदा
450 ml आसव 1 बोतल ₹ 425

   पूरे भारत में निःशुल्क शिपिंग
  • उत्पादक: myUpchar ayurveda
  • रखने का तरीका: सामान्य तापमान में रखें
  • विक्रेता: Doctorvahini Pvt Ltd
    • मूल का देश: India

    Kumariasava by Myupchar Ayurveda की जानकारी

    आयुर्वेद का मूल उद्देश्य बीमारी के मूल कारणों की पहचान कर उनका इलाज करना है, ताकि समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके. आयुर्वेद में मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं व असंतुलित हार्मोन का बेहतर इलाज बताया गया है.

    myUpchar के डॉक्टरों ने महिला स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या पर कई वर्षों की रिसर्च के बाद 100% आयुर्वेदिक myUpchar Ayurveda Kumariasava को बनाया है.

    आयुर्वेदक में महिलाओं से जुड़ी समस्याओं के लिए एलोवेरा, लोह भस्म, नागकेसर व हरीतकी जैसी 43 जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है. myUpchar Ayurveda Kumariasava को बनाने के लिए इन जड़ी-बूटियों को ऑर्गेनिक तरीके से उगाया जाता है. इन औषधियों की शुद्धता कायम रहे, इसलिए इन्हें खेतों से निकालने के लिए मशीन की जगह हाथों का इस्तेमाल किया जाता है और आयुर्वेद के पारपंरिक तरीके से इन औषधियों का अर्क निकाल कर दवा बनाई जाती है. इस पूरी प्रक्रिया में समय और मेहनत दोनों लगती हैं. प्राचीन वैज्ञानिक पद्धति से बनी इस आयुर्वेदिक दवा का किसी भी मेडिकल रिसर्च में साइड इफेक्ट नजर नहीं आया है.

    100% आयुर्वेदिक myUpchar Ayurveda Kumariasava अन्य दवाओं के मुकाबले बिल्कुल अलग है. जहां अन्य दवाओं के निर्माण में जड़ी-बूटियों का पाउडर इस्तेमाल होता है, वहीं myUpchar Ayurveda Kumariasava को औषधियों से निकले अर्क से तैयार किया जाता है. इसलिए, एक छोटे-से कैप्सूल में सभी हर्ब्स के गुण समाहित होते हैं. इस दवा को लेने से पीरियड्स के समय ब्लड फ्लो ठीक रहता है और दर्द कम होता है.

    मुख्य सामग्री

    एलोवेरा

    एलोवेरा कई रोगों के इलाज में अहम भूमिका निभाता है. इसे लेने से मांसपेशियों को आराम मिलता है और ऐंठन की समस्या कम होती है. इसके अलावा, एलोवेरा में हीलिंग और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन को कम करते हैं. एलोवेरा में विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन ई और फोलिक एसिड जैसे कई विटामिन भी होते हैं, जो सेल्स को बेहतर बनाने और फ्री रेडिकल्स का असर कम करने में फायदा पहुंचाते हैं. यह वजाइनल इंफेक्शन, मासिक धर्म के रुक जाने या न आने और एलर्जी में बहुत ही फायदेमंद है.

    कौंच (कपिकच्छु)

    इस औषधि में कामोत्तेजना को बढ़ाने का गुण होता है. इसके अलावा, यह महिलाओं में ओव्यूलेशन की प्रक्रिया को बेहतर करने का काम करती है और जननांगों में ब्लड फ्लो को भी बढ़ाती है. इसे लेने से तनाव और चिंता के लक्षणों में कमी आती है. साथ ही मूड में भी सुधार होता है. यह औषधि गर्भाशय के संक्रमण का इलाज करने में भी मदद करती है.

    लौह भस्म

    लौह भस्म में आयरन की मात्रा अधिक हाेती है और पित्त दोष को संतुलित करने का गुण होता है, जिस कारण इसे एनीमिया का इलाज करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यह हीमोग्लोबिन को बढ़ाने का काम करती है. साथ ही शरीर में आए सूजन को कम करने भी लौह भस्म को इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.

    नागकेसर

    यह औषधि असामान्य योनि स्राव के कारण आने वाली दुर्गंध को खत्म करने में मदद करती है. साथ ही इंफेक्शन से लड़ती है और पाचन तंत्र में सुधार करती है.

    इसे किसे लेना चाहिए?

    जिन्हें ये समस्या है:-

    • पीरियड्स में तेज दर्द.
    • पीरियड्स कम समय के लिए आएं.
    • इर्रेगुलर पीरियड्स.
    • पीसीओडी/पीसीओएस.
    • मूत्र मार्ग में संक्रमण.
    • ओवेरियन डिसफंक्शन.
    • एनीमिया.
    • लिवर रोग.
    • बांझपन.
    • गर्भाशय में दर्द.
    • मासिक धर्म का रुक जाना या न आना.

    फ़ायदे

    • महिलाओं में हार्मोन को नियंत्रित करने में मदद करे.
    • बांझपन में फायदेमंद.
    • शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर करे.
    • लिवर को मजबूत बनाए.
    • हीमोग्लोबिन बढ़ाए.
    • एनीमिया में उपयोगी.
    • यह एक प्रकार से टॉनिक है.
    • मूत्र रोगों को ठीक करे.

    दिशा-निर्देश

    • 15-30 ml दवा को समान मात्रा के पानी में मिक्स करके रोज दिन में 2 बार लें.

    अवधि

    6 महीने तक या फिर बीमारी की गंभीरता के अनुसार डॉक्टर की सलाह पर.