बनफशा एक जड़ी-बूटी है. इसके तने, पत्ते और फूल औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. बनफशा के फूल काफी सुगंधित होते हैं. ये फूल गहरे बैंगनी या सफेद रंग के होते हैं. इन्हें स्वीट वायलेट के नाम से जाना जाता है. बनफशा वायलेसी फैमिली से संबंधित है. इसका उपयोग यूनानी और आयुर्वेदिक चिकित्सा में कई तरह की बीमारियों इलाज करने के लिए किया जाता है. तनाव, थकान, अनिद्रा व अवसाद जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए बनफशा का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा, यह सामान्य सर्दी व इन्फ्लूएंजा के लक्षणों को भी कम कर सकता है.

आज इस लेख में आप बनफशा के फायदे, नुकसान और उपयोग के बारे में जानेंगे -

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  1. बनफशा के फायदे
  2. बनफशा के नुकसान
  3. बनफशा के उपयोग
  4. सारांश
बनफशा के फायदे व नुकसान के डॉक्टर

बनफशा औषधीय गुणों से भरपूर होता है. इसका उपयोग कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने के लिए किया जा सकता है. बनफशा के उपयोगी भागों में एंटीकैंसर, एंटीफंगल, एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं. इसके अलावा, बनफशा में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीडायबिटीक, एंटीबैक्टीरियल और मूत्रवर्धक गुण भी होते हैं. ये गुण कई तरह की बीमारियों का इलाज करने में मदद कर सकते हैं. आइए, इसके प्रमुख फायदों के बारे में विस्तार से जानते हैं -

काली खांसी के इलाज में लाभकारी

बनफशा का सिरप या काढ़ा काली खांसी का इलाज करने में असरदार साबित हो सकता है. इसमें मौजूद गुण फेफड़ों में जमा बलगम को निकालने में मदद करते हैं. खांसी होने पर बनफशा का सेवन बच्चे, वयस्क और बुजुर्ग सभी कर सकते हैं.

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गले की खराश में आराम दिलाए

बनफशा श्वसन से जुड़ी बीमारियों को ठीक करने में मदद कर सकता है. यह गले में खराश व सर्दी-जुकाम से आराम दिला सकता है. गले में खराश होने पर डॉक्टर की सलाह पर बनफशा का सिरप या काढ़ा लिया जा सकता है.

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गठिया में फायदेमंद

बनफशा का इलाज गठिया रोग को ठीक करने के लिए किया जा सकता है. बनफशा में एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं. इससे गठिया रोगियों को सूजन और दर्द से राहत मिलती है.

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एक्जिमा ठीक करे

बनफशा को त्वचा के लिए भी उपयोगी माना जाता है. इसमें एंटी बैक्टीरियल, एंटीबायोटिक और एंटी फंगल गुण होते हैं. इसलिए, इसे एक्जिमा के उपचार में काफी प्रभावी माना जाता है.

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सिरदर्द में आराम दिलाए

अगर किसी को अक्सर ही सिरदर्द रहता है, तो इसमें बनफशा फायदेमंद हो सकता है. सिरदर्द होने पर बनफशा का सिरप या टैबलेट लिया जा सकता है. यह सामान्य सिरदर्द, तनाव के कारण सिरदर्द और माइग्रेन में उपयोगी हो सकता है.

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पित्त संबंधी विकार ठीक करे

पित्त संबंधी विकार होने पर व्यक्ति को कई तरह के रोगों से परेशान हो पड़ता है. बनफशा लेने से शरीर में जमा टॉक्सिंस आसानी से निकल जाते हैं. शरीर को गर्मी से राहत मिलती है व पित्त संतुलित होता है.

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अनिद्रा का इलाज करे बनफशा

आजकल अधिकतर लोग अनिद्रा की समस्या से परेशान हैं. बनफशा का तेल नींद लाने में उपयोगी हो सकता है. बनफशा में एल्कलॉइड, ग्लाइकोसाइड, सैपोनिन, मिथाइल सैलिसिलेट, म्यूसिलेज होता है. कई अध्ययनों में साबित हुआ है कि बनफशा अनिद्रा के इलाज में उपयोगी हो सकता है. बनफशा के तेल से सिर की मालिश करने से थकान व स्ट्रेस को कम किया जा सकता है. इससे रात को काफी अच्छे से नींद आती है. व्यक्ति स्वस्थ और ऊर्जावान रह सकता है.

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बच्चों के लिए उपयोगी

बनफशा का उपयोगी सभी उम्र के लोग आसानी से कर सकते हैं. बनफशा के सिरप व काढ़े का सेवन 2-12 वर्ष तक के बच्चे भी कर सकते हैं. इसलिए, अगर बच्चों को खांसी व अनिद्रा की समस्या हो, तो उन्हें बनफशा दिया जा सकता है.

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मूत्रवर्धक गुण

बनफशा में मूत्रवर्धक गुण होते हैं, इससे पेशाब खुलकर आता है. अगर किसी व्यक्ति को पेशाब रुक-रुककर आता है या फिर पेशाब में खुजली और जलन होती है, तो ऐसे में बनफशा का सेवन करना लाभकारी हो सकता है.

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अगर बनफशा को कम मात्रा या डॉक्टर की सलाह पर लिया जाता है, तो यह सुरक्षित हो सकता है. वहीं, अधिक मात्रा या गलत तरीके से लेने पर निम्न प्रकार के नुकसान हो सकते हैं -

  • स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने के लिए बनफशा के रस को नाक में 30 दिन तक डाला जा सकता है, इससे अधिक दिनों के बाद नुकसान पहुंच सकता है.
  • इसके अलावा, त्वचा रोग में इसे आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह पर ही लगाना चाहिए.
  • गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान बनफशा का उपयोग डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए.

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बनफशा को औषधि के रूप में खाया जाता है, नाक में ड्राप के रूप में डाला जा सकता है. इसके अलावा, बनफशा का उपयोग त्वचा पर भी किया जा सकता है. इसे इस्तेमाल करने के तरीके नीचे बताए गए हैं -

  • बनफशा के फूलों में अच्छी खुशबू होती है. इसलिए, इसका उपयोग कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स और इत्र में किया जाता है.
  • बनफशा का सिरप भी दवाई के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. यह सिरप बनफशा के अर्क से बनाया जाता है.
  • बनफशा के पत्ते खाने योग्य होते हैं. इनके सेवन से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को दूर किया जा सकता है.
  • कई हर्बल दवाइयों में भी बनफशा का उपयोग किया गया है. बनफशा की उपयोगिता दवाओं को प्रभावशाली बनाने में मदद करती है.
  • बनफशा का सेवन काढ़े या टैबलेट के रूप में भी किया जा सकता है.
  • इसके अलावा, बनफशा का तेल भी उपयोगी साबित होता है. यह सेहत के लिए फायदेमंद होता है.

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बनफशा को हमेशा उम्र, स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर उपयोग में लाया जाना चाहिए. जड़ी-बूटियां भी तभी तक सुरक्षित होती हैं, जब इनका उपयोग सही तरीके और उचित मात्रा में किया जाता है. इसके अलावा, बनफशा किसी भी बीमारी का संपूर्ण इलाज नहीं है, इसलिए कोई भी समस्या होने पर पहले डॉक्टर की राय जरूर लेनी चाहिए. इसके बाद ही किसी भी दवा का सेवन करना चाहिए.

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