ऑक्सीजन के बिना जीवन की कल्पना करना असंभव है. कोरोना काल में लगभग हर किसी को पता चल चुका है कि हमारे शरीर में ऑक्सीजन का निश्चित स्तर होता है. ऑक्सीजन के स्तर में कमी आने पर व्यक्ति की जान जा सकती है. इसलिए, शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखना जरूरी है. ऑक्सीजन का सामान्य स्तर आमतौर पर 95% या इससे अधिक होता है.

फेफड़ों की पुरानी बीमारी या स्लीप एपनिया से ग्रसित लोगों का सामान्य स्तर 90% के आसपास हो सकता है. शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बनाए रखना जरूरी है. नियमित रूप से एक्सरसाइज और सही डाइट से आप शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बनाए रख सकते हैं.

आज हम इस लेख में ऑक्सीजन के बारे में विस्तार से जानेंगे -

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  1. ब्लड ऑक्सीजन लेवल क्या दर्शाता है?
  2. ब्लड में ऑक्सीजन के स्तर की जांच कैसे की जाती है?
  3. ब्लड में ऑक्सीजन का स्तर कम होने से क्या होता है?
  4. ब्लड में ऑक्सीजन का स्तर कम क्यों होता है
  5. शरीर में ऑक्सीजन स्तर को कैसे बढ़ाएं
  6. सारांश
ऑक्सीजन लेवल की जांच कैसे करें? के डॉक्टर

ब्लड में ऑक्सीजन का स्तर इस बात को दर्शाता है कि व्यक्ति की लाल रक्त कोशिकाएं कितनी ऑक्सीजन ले जा रही हैं. व्यक्ति का शरीर रक्त ऑक्सीजन स्तर को बारीकी से नियंत्रित करता है. आमतौर पर ब्लड ऑक्सीजन लेवल की निगरानी करने की आवश्यकता नहीं होती है. डॉक्टर ब्लड में ऑक्सीजन का स्तर तब तक जांचने की सलाह नहीं देते हैं, जब तक मरीज को सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या फिर सांस से जुड़ी कोई अन्य परेशानी न हो.

हां, अगर कोई व्यक्ति किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित है, तो डॉक्टर उनके ब्लड में ऑक्सीजन के स्तर की निगरानी करने की सलाह दे सकते हैं. खासतौर पर अस्थमा, हृदय रोग और क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज से प्रभावित मरीजों को इस तरह की निगरानी करने की सलाह दी जा सकती है.

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ब्लड में ऑक्सीजन के स्तर की जांच दो अलग-अलग तरीकों से जाती है. आइए, विस्तार से जानें कि ब्लड में ऑक्सीजन के स्तर की जांच कैसे की जाती है -

आर्टेरिअल ब्लड गैस टेस्ट

आर्टेरिअल ब्लड गैस टेस्ट एक ब्लड टेस्ट है. यह आपके रक्त में ऑक्सीजन के स्तर की जांच करता है. साथ ही यह रक्त में अन्य गैसों के स्तर के साथ-साथ पीएच (एसिड/बेस लेवल) का भी पता लगा सकता है. यह टेस्ट बहुत सटीक है.

एबीजी टेस्ट करने के दौरान डॉक्टर नसों के बजाय धमनी से रक्त खींचते हैं. नसों के विपरीत, धमनियों में एक नाड़ी होती है, जिसे महसूस किया जा सकता है. साथ ही, धमनियों से निकाला गया रक्त ऑक्सीजन युक्त होता है. खासतौर पर यह जांच तब की जाती है, जब नसों में खून की कमी या फिर न के बराबर होती है.

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पल्स ऑक्सीमीटर

पल्स ऑक्सीमीटर एक प्रकार का उपकरण है, जो आपके रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा का अनुमान लगाता है. यह आपकी उंगली, पैर की उंगुली या ईयरलोब में कोशिकाओं में अवरक्त प्रकाश भेजकर ब्लड में ऑक्सीजन के स्तर की जांच करता है.

इस ऑक्सीमीटर में रीडिंग इंगित होती है, जो व्यक्ति के रक्त में ऑक्सीजन का स्तर SpO2 के रूप में दर्शाता है. हालांकि, इस परीक्षण में 2 प्रतिशत एरर विंडोज है. इसका मतलब यह है कि मीटर पर दिखने वाली रीडिंग वास्तविक रक्त ऑक्सीजन स्तर से 2 प्रतिशत अधिक या कम हो सकती है.

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रक्त में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य स्तर से कम हो जाए, तो व्यक्ति के शरीर में कई गंभीर लक्षण दिख सकते हैं, जैसे-

यदि आपके रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम रहता है, तो सायनोसिस के लक्षण दिख सकते हैं. सायनोसिस को एक आपात स्थिति माना जाता है. यदि आप इस तरह के लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. सायनोसिस की समस्या होने पर व्यक्ति को गंभीर स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है.

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ब्लड में ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कई गंभीर कारण हो सकते हैं. इसमें अस्थमा, सीओपीडी व खून की कमी इत्यादि हो सकती है. इसके अलावा, कुछ अन्य कारण हो सकते हैं, जैसे -

इन गंभीर बीमारी से प्रभावित रोगियों के फेफड़ों को ऑक्सीजन युक्त हवा को पर्याप्त रूप से अंदर लेने और कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालने से रोकती हैं. इसी तरह, रक्त विकार और आपके संचार तंत्र की समस्याएं रक्त को ऑक्सीजन लेने और पूरे शरीर में ले जाने से रोक सकती हैं. धूम्रपान करने वाले लोगों को इस तरह की परेशानी होने का खतरा रहता है. धूम्रपान व्यक्ति के रक्त में कार्बन मोनोऑक्साइड का निर्माण करता है.

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शरीर में ऑक्सीजन स्तर को बढ़ाने के लिए आप कई तरह के आसान तरीकों, जैसे- डीप ब्रीथिंग, शरीर को सक्रिय रखना व सही डाइट इत्यादि से कर सकते हैं. आइए, विस्तार से जानते हैं इसके बारे में -

सीधे खड़ें हों या बैठें

फेफड़ों पर दबाव पड़ने की वजह से ब्लड में ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है. ऐसे में सांस लेना मुश्किल हो सकता है. इस स्थिति में सीधे खड़े हो जाएं या फिर बैठ जाएं.

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खांसी करें

अगर सर्दी या फ्लू की वजह से सांस लेने में कठिनाई हो रही है या फिर ऑक्सीजन का स्तर कम हो रहा है, तो खांसी करें. खांसने से व्यक्ति का वायुमार्ग साफ होता है.

ताजी हवा लें

ताजी हवा आपके फेफड़ों के लिए अच्छी होती है और इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर अधिक होता है. हवा अगर बहुत गर्म या ठंडी है, तो सांस लेने में कठिनाई हो सकती है.

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पानी पिएं

रक्त प्रवाह में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी होता है. इससे व्यक्ति के फेफड़े भी स्वस्थ हो सकते हैं.

डीप ब्रीदिंग

ब्लड में ऑक्सीजन का स्तर सही न होने पर डीप ब्रीदिंग करें. इससे आपके फेफड़े मजबूत हो सकते हैं.

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शरीर को एक्टिव रखें

ऑक्सीजन के स्तर को सही रखने के लिए शारीरिक गतिविधि करते रहें. शरीर को एक्टिव रखने से सांस लेने की दर तेज होती है, जिससे ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है. इसके लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज, योग और अन्य गतिविधि का सहारा लिया जा सकता है.

धूम्रपान छोड़ें

धूम्रपान करने से भी शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है. साथ ही व्यक्ति के फेफड़े भी कमजोर होते हैं. ऐसे में अगर फेफड़ों को स्वस्थ रखना चाहते हैं और ऑक्सीजन के स्तर को बनाए रखना चाहते हैं, तो धूम्रपान का त्याग करें.

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घर में पौधे लगाएं

पौधे कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं. इससे हवा की गुणवत्ता में सुधार आती है. ऐसे में घर के अंदर ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने के लिए पौधे लगाएं. इससे घर में सकारात्मक एनर्जी रहती है. साथ ही ऑक्सीजन का स्तर भी बढ़ता है.

आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन

लाल रक्त कोशिकाओं को आयरन की आवश्यकता होती है. इसलिए, डाइट में अधिक से अधिक आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें. इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सही रहेगा.

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ऑक्सीजन के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है. शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम होने से कई तरह की समस्याएं जैसे- सांस लेने में परेशानी, एनीमिया व छाती में दर्द इत्यादि हो सकती है. इसलिए, ब्लड में ऑक्सीजन के स्तर को बनाए रखना जरूरी है. इसके लिए शरीर को सक्रिय रखें, नियमित रूप से एक्सरसाइज करें, आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें. बस ध्यान रखें कि अगर शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम होने के लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

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