40 से 70 वर्ष के लगभग 52 प्रतिशत पुरुष इरेक्टाइल डिसफंक्शन से प्रभावित हैं. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि वर्ष 2025 तक विश्वभर में 32 करोड़ से अधिक पुरुष इरेक्टाइल डिसफंक्शन से प्रभावित हो सकते हैं. ईडी के इलाज के लिए कई प्रभावी इलाज का सहारा लिया जाता है. इसके लिए अतिरिक्त चिकित्सीय विकल्पों में पेनाइल पंप, साइकोसेक्सुअल थेरेपी, साइकोलॉजिकल थेरेपी, हर्बल मेडिसिन और वासोएक्टिव ड्रग्स (vasoactive drugs) के इंजेक्शन और पेनाइल प्रोस्थेसिस (penile prosthesis) शामिल हैं. इसके अलावा, एक्यूपंक्चर थेरेपी की मदद से भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज किया जा सकता है.

आज इस लेख में आप इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए एक्यूपंक्चर के फायदे व सावधानियों के बारे में विस्तार से जानेंगे -

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  1. एक्यूपंक्चर थेरेपी क्या है?
  2. इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए एक्यूपंक्चर के लाभ
  3. एक्यूपंक्चर के लिए सावधानी
  4. एक्यूपंक्चर के जोखिम व दुष्प्रभाव
  5. सारांश
इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए एक्यूपंक्चर के फायदे व नुकसान के डॉक्टर

एक्यूपंक्चर पारंपरिक चीनी चिकित्सा पद्धति है. यह चिकित्सा पद्धति लगभग 2 हजार से अधिक वर्षों से प्रचलित है. इस चिकित्सा पद्धति में पतली धातु की सुइयों को स्किन में चुभोया जाता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हर व्यक्ति के शरीर में लगभग 400 से अधिक एक्यूपंक्चर बिंदु होते हैं, जो मेरिडियन से जुड़े होते हैं. मेरिडियन ऐसा रास्ता होता है, जिसके माध्यम से शरीर में ऊर्जा प्रवाहित होती है. एक्यूपंक्चर थेरेपी की मदद से शरीर की कई परेशानियां जैसे- पीठ दर्द व गठिया की परेशानी आदि का सफल इलाज किया जा सकता है. 

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कुछ रिसर्च में सुझाव दिया गया है कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज करने में एक्यूपंक्चर प्रभावी हो सकता है, लेकिन इसके अध्ययन काफी छोटे रहे हैं और इसमें मुख्य रूप से ईडी के मनोवैज्ञानिक कारणों पर ध्यान दिया गया है. इस अध्ययन में फिजिकल और मेडिकल समस्याओं के चलते होने वाली ईडी की समस्या पर अधिक ध्यान नहीं दिया गया है. 

हाल ही में हुए एक रिव्यू में बताया गया है कि साइकोजेनिक ईडी से प्रभावित मरीजों के लिए एक्यूपंक्चर थेरेपी फायदेमंद हो सकती है. इस रिव्यू में पाया गया है कि प्रिस्क्रिप्शन मेडिकेशन के साथ एक्यूपंक्चर थेरेपी से ईडी का प्रभावी तरीके से इलाज किया जा सकता है. 

एक अन्य अध्ययन में सुझाव दिया गया है कि ईडी से प्रभावित मरीजों को सिर्फ मनोवैज्ञानिक चिकित्सा देने के बजाय अगर साथ में एक्यूपंक्चर थेरेपी दी जाए, तो इससे ईडी का बेहतर तरीके से इलाज किया जा सकता है.

इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज एक्यूपंक्चर से संभव है या फिर यह कितना प्रभावी है, इसके लिए और अधिक रिसर्च की आवश्यकता है. वर्तमान डेटा कि मानें तो एक्यूपंक्चर पेल्विक में ब्लड फ्लो को प्रोत्साहित करने में मददगार हो सकता है. साथ ही इससे तनाव को भी कम किया जा सकता है, जो ईडी के मनोवैज्ञानिक कारणों को कम कर सकता है. ऐसे में वर्तमान में हुए अध्ययन से पता चलता है कि एक्यूपंक्चर ईडी के इलाज में प्रभावी है, लेकिन सटीक जानकारी के लिए और अधिक अध्ययन होना जरूरी है.

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इरेक्टाइल डिसफंक्शन या किसी अन्य समस्या को ठीक करने के लिए अगर आप एक्यूपंक्चर थेरेपी लेने का सोच रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता होती है, जैसे -

  • हमेशा किसी लाइसेंस प्राप्त या फिर रजिस्टर्ड एक्यूपंक्चर एक्सपर्ट्स से भी एक्यूपंक्चर थेरेपी लें.
  • एक्यूपंक्चर ट्रीटमेंट कितनी बार लेना है, यह बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करता है. एक अध्ययन के मुताबिक, सप्ताह में दो बार ट्रीटमेंट लिया जा सकता है. साथ ही चार सप्ताह तक इसकी समय सीमा निर्भारित है. अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें.
  • एक्यूपंक्चर ट्रीटमेंट के लिए किसी विशेष तैयार की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन अगर आप पहली बार ट्रीटमेंट लेने जा रहे हैं, तो एक्सपर्ट से सलाह लें.

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एक्यूपंक्चर ट्रीटमेंट से किसी तरह का नुकसान होने की आशंका कम होती है. हालांकि, जहां सुइयां डाली जाती हैं, वहां पर थोड़ी-बहुत समस्या होना आम है. इस स्थान पर कुछ लोगों को दर्द और थोड़ी-सी ब्लीडिंग का अनुभव हो सकता है. 

हां, अगर किसी व्यक्ति को कोई गंभीर बीमारी जैसे- हार्ट डिजीज है, तो एक्यूपंक्चर अपॉइंटमेंट लेने से पहले एक्सपर्ट को इसकी जानकारी जरूर दें. इसके अलावा प्रेगनेंसी व ब्लीडिंग डिसऑर्डर जैसी समस्या होने पर एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें. 

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इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए एक्यूपंक्चर ट्रीटमेंट फायदेमंद हो सकता है. बस ध्यान रखें कि इस विषय पर अधिक रिसर्च की आवश्यकता है. ऐसे में इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज करने से पहले एक्सपर्ट से सटीक जानकारी जरूर लें. वहीं, इरेक्टाइल डिसफंक्शन का एक्यूपंक्चर से इलाज करने के साथ-साथ अन्य ट्रीटमेंट का सहारा जरूर लें. 

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Dr. Anurag Kumar

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